खगड़िया से मिथिला जाना अब आसान हो गया है। अलौली से दरभंगा के तिलकेश्वर के रास्ते कुशेश्वरस्थान स्थान तक 22 किमी लंबी सड़क बनी है। इस सड़क के बन जाने से खगड़िया से मिथिला की दूरी घटकर आधी से भी कम हो गई है। खगड़िया से मिथिला और मिथिला से खगड़िया अब महज 45 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।  खगड़िया और दरभंगा की सीमा तिलकेश्वर के समीप लगा साइन बोर्ड।

नया मार्ग बनने के बाद खगड़िया और मिथिला के बीच की दूरी हुई आधी
अलौली से तिलकेश्वर के रास्ते कुशेश्वरस्थान स्थान तक 22 किलोमीटर लंबी सड़क
फुलतोड़ा से कुशेश्वरस्थान के बीच के 40 गांवों का वर्षों पुराना सपना हुआ पूरा

अब फरकिया को मिथिला से जुड़ने का एक नया मार्ग मिला है। यह बड़ी खुशखबरी है। यह मार्ग सुगम और सुलभ है। 413 करोड़ की लागत से अलौली के फुलतोड़ा से दरभंगा जिले के तिलकेश्वर के रास्ते बाबा कुशेश्वरस्थान स्थान तक 22 किलोमीटर लंबी सड़क बनी है। इस सड़क होकर वाहन फर्राटे भर रहे हैं।

एक माह पूर्व इस सड़क को आमलोगों के लिए खोल दिया गया है। खगड़िया से मिथिला की दूरी घटकर अब आधी से भी कम हो गई है।

इस सड़क के शुरू होने से फुलतोड़ा से कुशेश्वरस्थान के बीच के करीब 40 गांवों के बड़ी आबादी का वर्षों पुराना सपना पूरा हो गया है।

कुशेश्वरस्थान से खगड़िया की दूरी 60 किलोमीटर हुई कम
अब कुशेश्वरस्थान से खगड़िया की दूरी 60 किलोमीटर कम हो गई हैं। पहले यहां के लोगों को खगड़िया जाने के लिए समस्तीपुर के रोसड़ा, हसनपुर होते हुए 125 किमी की दूरी तय करनी पड़ती थी। यह दूरी अब 55 किलोमीटर हो गई है।

इस सड़क की चौड़ाई 5.5 मीटर है। 22 किमी लंबी इस सड़क में छह बड़े पुल, 30 छोटे पुल व 10 बॉक्स कल्वर्ट बने हैं।

बाढ़ के दिनों में नाव से मिलेगा छुटकारा
अब बड़ी आबादी को बाढ़ के दिनों में नाव से छुटकारा मिल गया है। इतना ही नहीं इससे अपराध पर भी नियंत्रण हो सकेगा। पहले अपराधी आसानी से अपराध कर एक-दूसरे सीमा क्षेत्र में शरण ले लेते थे।

बेहतर चिकित्सा और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
यहां के लोगों को बेहतर चिकित्सा एवं शिक्षा का अवसर मिलेगा। वाणिज्य-व्यापर बढ़ेगा। फरकिया के दूध व्यवसाय, मछली व्यवसाय को और मजबूती मिलेगी। खगड़िया, दरभंगा, मधुबनी तथा समस्तीपुर आने-जाने में लोगों को सहूलियत होगी।

खगड़िया जिला मुख्यालय से शहरबन्नी- तिलकेश्वर सीमा की दूरी 33 किलोमीटर है, जबकि शहरबन्नी से कुशेश्वरस्थान की दूरी 20.8 किलोमीटर है।

रोसड़ा- हसनपुर के रास्ते पहले तीन घंटे की दूरी तय करनी पड़ती थी, जो इस सड़क के बन जाने के बाद घटकर अब एक घंटे की हो गई है।

खगड़िया से सिर्फ 45 मिनट में पहुंच सकेंगे कुशेश्वरस्थान
पहले लोगों को खगड़िया से कुशेश्वरस्थान जाने के लिए रोसड़ा के रास्ते 125 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी, जबकि हसनपुर के रास्ते 90 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद दरभंगा की सीमा में प्रवेश करते थे।

अब डबल लाइन की शानदार सड़क पर फर्राटे भरते हुए वाहन से 45 मिनट से एक घंटे में कुशेश्वरस्थान पहुंच सकते हैं।

श्रावण मास में बाबा कुशेश्वरनाथ के दर्शन के लिए मात्र एक घंटे की दूरी तय करनी पड़ेगी। मालूम हो कि बाबा कुशेश्वरनाथ महादेव की ख्याति दूर-दूर तक है।