फेंकला थाना की पुलिस ने तीन लोंगों को किया गिरफ्तार ,चुलाइ शराब के मामले में कहीं पे निगाहें कहीं पर निशाना बनाते हैं लोग ,जब्कि हर थाना क्षेत्र के गली मुहल्लों में चोरी छिपे बिक रही विदेशी शराब ?
फेंकला थाना की पुलिस ने तीन लोंगों को किया गिरफ्तार ,चुलाइ शराब के मामले में कहीं पे निगाहें कहीं पर निशाना बनाते हैं लोग ,जब्कि हर थाना क्षेत्र के गली मुहल्लों में चोरी छिपे बिक रही विदेशी शराब ?
फेंकला थाना की पुलिस ने तीन लोंगों को किया गिरफ्तार ,चुलाइ शराब के मामले में कहीं पे निगाहें कहीं पर निशाना बनाते हैं लोग ,जब्कि हर थाना क्षेत्र के गली मुहल्लों में चोरी छिपे बिक रही विदेशी शराब ?
दरभंगा /संजय कुमार राय
चुलाइ शराब की बरामदगी को लेकर थाना क्षेत्र में हुये हो हंगामें को लेकर पुलिस ने तीन लोंगों को गिरफ्तार किया हैं।यह गिरफ्तारी थाना में दर्ज कांड 33/24में हुई हैं।
वहीं सरकारी काम में बाधा पहुंचाने सहित अन्य आरोप को लेकर फेंकला पुलिस ने एक मामला और दर्ज किया हैं जिसमें 20-25नामजद एवं कुछ अज्ञात लोग हैं। घटना के दिन मिलें बीडीओ फुटेज के आधार पर चिन्हित कर लोंगों को अभियुक्त बनाया गया हैं। इसी बीच इस मामले की जांच कर रहें सदर एसडीपीओ के जांच प्रतिवेदन के बाद एसएसपी ने फेंकला थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया।
कांड संख्या 33/24में जिन लोंगों की गिरफ्तारी हुई हैं उसमें कैलाश मुखिया की पत्नी रंजन देवी ,रंजीत मुखिया की पत्नी रिमा देवी एवं स्व दुखा मुखिया के पुत्र पवन मुखिया का नाम शामिल हैं।
यहां बता दे कि दरभंगा जिला में शहरी एक दो थाना को छोड़ दे तो कोई ऐसा थाना नहीं हैं जिस क्षेत्र में चुलाइ शराब नहीं बनता हो,और अक्सर देखा गया हैं कि गांव के दो पक्षों के बीच लड़ाई के बाद यह भेद ग्रामीण ही खोलते हैं कि फंला आदमी शराब बना रहा हैं ? पुलिस पर आरोप मढ़ देते हैं कि चुलाइ शराब बनाने वाले लोग पुलिस को पैसा देते हैं।ऐसी सूचना पर पुलिस जब पहुंचती हैं तो सूचना देने वाला पक्ष पुलिस के सामने हो हंगामा कर पुलिस पर अवैद्य उगाही का आरोप लगाते हैं, वहीं शराब बेचने वाला पक्ष भी इस मामले में गांव की महिला और बच्चों को पुलिस के सामने खड़ा कर वह भी पुलिस को निशाना बनाते हैंऔर हो हंगामा करते हैं।ऐसी परिस्थिति में पुलिस अस्त व्यस्त हो जाती हैं,जब्कि ऐसे मामले में मामला कहीं और से शुरू होता हैं।
जैसे फेंकला थाना क्षेत्र के गोंड़ीया गांव में यही हुआ ?मामला एक आदमी की मौत से शुरू हुआ था और यही कारण भी बना कि चुलाइ शराब बनाने की पोल खुली ?गांव के लोंगों ने ही चुलाइ शराब पकड़ा और पुलिस को सूचना दी ,बिना देर किये पुलिस भी वहां पहुंची।पुलिस पहुंचने के बाद पुलिस ने शराब जब्त की लेकिन एक तरफ सूचना देने वाला पुलिस पर टूट पड़ा वहीं शराब बनाने वाला पक्ष तो हद ही कर दिया ,ऐसे परिस्थिति में पुलिस को भीड़ में निपटना एक बड़ी समस्या थी।
सूत्रों की माने तो चुलाइ शराब बनाने वाले लोंग थाना को पैसा नहीं नहीं देता हैं। सूत्रों का कहना हैं कि जिला का कोई ऐसा थाना नहीं हैं जहां विदेशी शराब की बिक्री नहीं होती ,शाम ढलते ही होम डिलीवरी शुरू हो जाती हैं। सूत्र बताते हैं कि विदेशी शराब तस्कर इस एवज में थाना को फिक्स मासिक रकम देता हैं ?
चुलाइ शराब के मामले में स्थानीय मद्य निषेध विभाग के कई कर्मियों को पता रहता हैं और सूत्रों का कहना हैं कि मद्य निषेध की टीम जब स्थल पर पहुंचती हैं तो लेन देंन कर मामला रफा दफा कर देती हैं जब्कि इसका खामियाजा स्थानीय थाना को भोगना पड़ता हैं। यही नहीं जब पुलिस ऐसे मामलों में कारवाई करती हैं तो कई पत्रकार ,कई गणमान्य लोग पुलिस पर दबाव बनाने से नहीं हिचकते हैं और पुलिस को निशाना बना देते हैं। और यही कारण हैं कि फेंकला थानाध्यक्ष को सभी ने निशाना बनाया और ऐसे लोग सफल भी हो गये। कई गांव के सेंकड़ों लोंगों ने कहा कि महिला पुलिस पदाधिकारी होते हुये भी फेंकला थाना क्षेत्र में दिन रात जितना मेहनत थानाध्यक्ष तृषा शैनी ने किया इससे पहले किसी थानाध्यक्ष ने नहीं किया था ?
दरअसल इस मामले में वरीय पदाधिकारियों ने कहीं पर निगाहें और कहीं पर निशाना बनाया और सिटी बज गयी।