सीएस के निर्देश पर निजी अस्पतालों का चिकित्सा पदाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण,चार में से दो अस्पताल को किया गया सील,एक था बंद दुसरे का नामोनिशान तक नहीं पाया गया। जांच टीम के कार्रवाई पर प्रखंड प्रमुख, उप प्रमुख की थी पैनी नजर।

बिरौल/दरभंगा

असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी दरभंगा के निर्देश के आलोक में सोमवार को प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी योगेंद्र प्रसाद यादव ने पूर्व से चिन्हित अवैध निजी अस्पताल का निरीक्षण उपरांत उसे सील किया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई यह कार्रवाई जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के न्यायालय में दर्ज परिवाद के आलोक में किया गया है। जिसमें मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने बिरौल मेंं संचालित हो रहे अवैध अस्पतालों में नुरी अस्पताल, बच्चा अस्पताल, राधेश्याम छपड़िया अस्पताल तथा एम एम मेमोरियल को सील कर प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश प्राप्त है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि नुरी अस्पताल जो डॉ.सोहराब के द्वारा संचालन हो रहा था।इनके द्वारा अस्पताल संचालन से संबंधित किसी प्रकार का कागजात प्रस्तुत नहीं किया गया। नुरी अस्पताल का ओ टी,लैब, एक्स-रे के अलावा अस्पताल के मुख्य सटर को सील कर दिया गया है।सुपौल बाजार हाटगाछी स्थित राधेश्याम छपड़िया अस्पताल के पास संचालन से संबंधित कोई कागजात उपलब्ध नहीं था। उक्त अस्पताल का ओ टी रुम, डॉक्टर चैम्बर तथा एक्स-रे रूम को सील कर दिया गया है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के क्रम में एम ए मेमोरियल हॉस्पिटल बंद पाया गया, संचालक के द्वारा हॉस्पिटल निबंधन के लिए जिला मुख्यालय में आवेदन कर चुके हैं।

जबकि बच्चा अस्पताल का कोई नामोनिशान नहीं पाया गया। उक्त जगह पर डॉ.बी पी द्विवेदी का चेम्बर था जहां वे स्वयं उपस्थित थे। और एक दवा दुकान पाया गया। जांच टीम के साथ दंडाधिकारी के रुप में सी ओ आदित्य शंकर तथा पुलिस पदाधिकारी दलबल के साथ मौजूद थे। इधर जांच टीम के द्वारा किये जा रहे कार्रवाई पर नजर रखने के लिए प्रखंड प्रमुख मुखी देवी,उप प्रमुख अपर्णा कुमारी,पंचायत समिति सदस्य छोटू सिंह सहित कई सदस्य उपस्थित थे।

प्रखंड प्रमुख मुखी देवी और उप प्रमुख अपर्णा कुमारी ने संयुक्त रूप से बताया कि क्षेत्र में संचालन हो रहे अवैध अस्पतालों पर अंकुश लगाया जायेगा। ऐसे अस्पताल के संचालक द्वारा ग्रामीण क्षेत्र से चिकित्सा के लिए आनेवाले गरीब मरीज के परिजनों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है जो कतई बर्दाश्त योग्य नहीं है। प्रमुख, उप प्रमुख ने बताया कि ऐसे अस्पतालों पर निगरानी रखी जायेगी, जिससे गरीब परिवार आर्थिक शोषण का शिकार ना हो सके।