बिहार के मुजफ्फरपुर में हुए नौकरी के बदले यौन शोषण कांड में रोजाना नये खुलासे हो रहे हैं। अब इस कांड में सीबीआई जांच की मांग उठने लगी है। बालिका गृह कांड की तरह इस कांड को लेकर भी राजनीति तेज है। विपक्षी दलों ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े करना शुरू कर दिया है। इस मामले को लेकर बिहार प्रदेश महिला अध्यक्ष ने बड़ा गंभीर खुलासा किया है।

उधर, इस मामले को लेकर मुजफ्फरपुर में बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरवत जहां फातिमा ने बड़ा गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसमें बिहार के बड़े चेहरे और सफेदपोश शामिल हैं। इसकी जांच किसी बड़ी एजेंसी से कराई जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस इस केस को न्यायिक दबाव में लिया है, इससे अंदेशा है की इस कांड का संरक्षण बड़े सफेदपोश लोग कर रहे हैं। वर्तमान सरकार जो बड़े-बड़े विपक्षी नेताओं की अवाज दबाने के लिये सीबीआई, ईडी का दुरुपयोग कर रही है। इसलिए लोगों का विश्वास जांच एजेंसियों से उठ चुका है।

आयोग से कराई जाए जांच-नेता

महिला नेता ने कहा कि इससे पूर्व शेल्टर होम और नवरूणा कांड मे सीबीआई खुद गुमराह रही। इसलिए हम मांग करते है की वर्तमान यौन शोषण कांड का सीबीआई के साथ न्यायिक जांच करायी जाय। हम अपनी मांग को जिला एसपी को देंगे। अगर इसके बाद भी इस मामले मे उचित कार्रवाई न होने पर कांग्रेस की महिला कार्यकर्ता सड़क से संसद तक जाएंगी। महिला अध्यक्ष सरवत जहां फातिमा ने कहा कि बेटियों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने स्थानीय प्रशासन पर इस मामले में लगातार कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर सही तरीके से एक्शन नहीं होता है, तो वे लोग आंदोलन।

कांग्रेस नेता की डिमांड

बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुजफ्फरपुर में ये यौन शोषण कांड कोई नया नहीं है। यहां बालिका गृह कांड जैसे मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि सभी महिला संगठनों को सुरक्षा को लेकर आगे आना चाहिए। प्रदेश महिला अध्यक्ष ने कहा कि एक ओर सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की बात करती हैं, मगर सबसे जरूरी मुद्दा महिलाओं की सुरक्षा की उन्हें नहीं मिल पा रहा है।

खबर के प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल मच गया और पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया।