महिला लीची दुकानदार और ग्राहक के बीच हुये विवाद ने पकड़ा तूल ,वार्ड पार्षद के प्रतिनिधि ने भी अपने समर्थकों के साथ महिला दुकानदार के पक्ष में किया थाना परिसर में शोर शराबा ,लहेरियासराय थाना पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत। 

दरभंगा /संजय कुमार राय

लहेरियासराय थाना परिसर में शुक्रवार को मामूली मुद्दे को लेकर स्थानीय लोंगों ने काफी शोर शराबा किया ।मामूली सी बात को लेकर फुटपाथ पर दुकान लगाने वाली महिला के समर्थन में जमकर हो हंगामा किया इसमें एक वार्ड पार्षद के प्रतिनिधि की भूमिका अहम बताया जा रहा हैं जिनके समर्थकों ने थाना गेट को ही घेर लिया।थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने कहा कि एक लीची की दुकान चलाने वाली महिला और ग्राहक के बीच कुछ विवाद हुआ लेकिन मामला शांत हो गया।उन्होंने कहा कि दुकानदार महिला के पक्ष में एक वार्ड पार्षद के प्रतिनिधि  द्वारा ऐसा व्यवहार किया जाना न्याय संगत नहीं लगता।

दरअसल लीची के खरीद -बिक्री को लेकर महिला दुकानदार एवं खरीददार में कहा सुनी होते होते मारपीट हो गयी। बताया जा रहा हैं कि महिला ने दो सौ तीस रुपये किलो लीची का भाव बताया वहीं खरीददार युवक ने दो सौ या उससे कम किलो के लिये कहते हुये कहा कि किलो में फ्रॉड मत करना। इसी बात पर महिला दुकानदार भड़क गई ,इस कारण वहां मौजूद अन्य फुटपाथ पर लगाने वाले दुकानदार और कई स्थानीय लोंगों ने मिलकर उस युवक को पीट दिया।

युवक थाने पर आया और मौखिक शिकायत की इस दौरान उसका पिता भी थाने पर आया। थाने पर तैनात पुलिस कर्मियों ने महिला को बुलाया। दोनों में बात हो रहा था। इसी बीच महिला के पक्ष में एक पार्षद के प्रतिनिधि अपने समर्थकों के साथ थाना के गेट को घेर लिया । इस कारण थाना पर आने जानें वालों को दिक्कत होने लगी। लहेरियासराय थाना की पुलिस ने वार्ड पार्षद के प्रतिनिधि समेत उसके समर्थकों को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन कोई भी मानने को तैयार नहीं था। मजबूरन पुलिस कर्मियों ने दो तीन लोंगों को कहा आप लोग थाना के गेट से हटियें। वार्ड पार्षद के समर्थक नहीं माने।पुलिस के बड़ी मशक्कत के बाद लहेरियासराय थाना का गेट खाली हुआ।
यहां बता दे कि इन दिनों एक परिपाटी हो गई हैं कि कोई भी मामला होता हैं तो लोग भीड़ इकट्टा कर पुलिस पर दबाव बना देते हैं जो नियमतः ठीक नहीं हैं। अब दुकानदार और ग्राहक के बीच कुछ हुआ तो दुकानदार को बर्दाश्त करना चाहिये क्यूंकि ग्राहक के बदौलत ही उनकी दुकानदारी चलती हैं। ऐसे में फुटपाथ के दुकानदार एवं वार्ड पार्षद एवं उनके सहयोगियों को इस मामूली बात के लिये पुलिस पर दबाव बनाना कतई ठीक नहीं हैं। इस मामले में लहेरियासराय थानाध्यक्ष को चाहिये कि थाना पर हो हंगामा करने वाले उन सभी लोंगों पर प्राथमिकी दर्ज कर कानून के धाराओं का ज्ञान करा दे ताकि भविष्य में थाना पर ऐसी हरकत लोग नहीं कर सके।

ऐसे लोंगों पर कारवाई नहीं होने से पुलिस का मनोबल टूट जाएगा।

मजेदार बात यह हैं कि  जब वार्ड पार्षद के प्रतिनिधि और उनके समर्थक थाना के गेट पर जमे थे उसी बीच  ग्राहक और दूकानदार आपस में समझौता कर थाना परिसर से निकल गये लेकिन इन लोंगों को पता नहीं चल सका।पूरी घटना लहेरियासराय थाना के सीसीटीवी फुटेज में कैद हैं।

यहां बता दे कि लहेरियासराय टावर से लोहिया चौक और बस स्टेंड तक नाजायज रूप से सड़क किनारे ठेला या सड़कों पर दुकान लगाया जाता हैं और इस कारण जाम की समस्या होती हैं।यही नहीं इन ठेले वालों से प्रत्येक दिन हजारों की वसूली की जाती  हैं।मजेदार बात यह हैं कि एसडीपीओ के गेट के सामने ठेलों की भरमार रहता हैं।इन ठेले वालों या दुकानदारों से ठेला या दुकान लगाने के एवज में कौन पैसा वसूल करता हैं यह भी जांच का विषय हैं।

वहीं दूसरी और  लहेरियासराय थाना के पुलिस पदाधिकारी के द्वारा नगर निगम के वार्ड 40 के पार्षद पूनम देवी के प्रतिनिधि अविनाश कुमार की  बुरी तरह पिटाई करने को लेकर नगर निगम के 48 वार्ड पार्षद जिले के पुलिस कप्तान जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी से मुलाकात कर जांच कर कार्रवाई करने का अनुरोध किया हैं। वार्ड पार्षद के साथ डिप्टी मेयर नाजिया हसन भी टीम में शामिल थीं। सभी वार्ड पार्षद एसएसपी कार्यालय पहुंचकर आक्रोश जताते हुए कहा कि दरोगा अमित कुमार, दीपक कुमार व बालाकांत कुमार पर कार्रवाई होनी चाहिए। इन लोगों ने बेगुनाह अविनाश को बुरी तरह मारपीट कर जख्मी कर दिया है। जिसका इलाज अभी भी चल रहा है। एसएसपी ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वासन दिया है कि जांच कर कारवाई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर पुलिस पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने बताया कि मामले को लेकर सदर एसडीपीओ अमित कुमार को जांच करने का निर्देश दिया गया है वहीं सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाल कर जांच करने को कहा गया है। 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट समर्पित करने को निर्देश दिया गया है। बता दें कि 9 जून 2024 को लोहिया चौक स्थित फल दुकान से एक व्यक्ति ने लीची खरीदी थी जिसे दुकान चल रही महिला ने गिनती में लीची कम दे दी थी। जिसको लेकर ग्राहक और महिला दुकानदार के साथ मारपीट हो गई थी।

यहां सवाल यही हैं कि दुकानदार और ग्राहक के बीच हुई लड़ाई में वार्ड पार्षद के प्रतिनिधि आखिर अपने समर्थकों के साथ थाना क्यू पहुंचे ?महिला दुकानदार एवं उसके समर्थकों ने ग्राहक की जमकर पिटाई जब कर दिया था फिर वार्ड पार्षद के प्रतिनिधि का यहां क्या काम ????