डेढ़ करोड़ रुपये रंगदारी मांगने के आरोप में सांसद पप्पू यादव एवं उनके खास पर पूर्णिया जिला में प्राथमिकी दर्ज ,सांसद ने कहा कि यह आरोप निराधार और बेबुनियाद ,राजनीति में कद बढ़ने की  वजह से बनाया जा रहा हैं शिकार ?

दरभंगा /संजय कुमार राय 

पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव और उनके खास अमित यादव के विरुद्ध करीब डेढ़ करोड़ रुपये रंगदारी मांगे जानें को लेकर थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई हैं। पूर्णिया के फर्नीचर व्यवसायी राजा भगत के आवेदन पर यह प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इस बात की जानकारी एसपी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दे दी हैं।

फर्नीचर व्यवसायी का आरोप हैं कि 2अप्रेल वर्ष 2021में पप्पू यादव के खासमखास अमित यादव ने दस लाख रुपये के रंगदारी की मांग की थी। इसके बाद वर्ष 2023 में दुर्गापूजा के दौरान 15लाख के रंगदारी की मांग की। यही नहीं 5अप्रेल को कई बार फोन करके 25लाख की रंगदारी की मांग की गई ,आरोप यह भी हैं कि पप्पू यादव के आवास पर भी उस व्यवसायी को बुलाया गया था। व्यवसायी ने फिर कहा हैं कि 4जून को एक करोड़ की रंगदारी मांगी गई हैं। गौर से देखें तो इन चार वर्षों में पप्पू यादव के खास अमित यादव द्वारा करीब डेढ़ करोड़ की रंगदारी की मांग की गई हैं। प्राथमिकी में व्यवसायी ने कहा हैं कि नहीं देने पर जान से मारने समेत पूर्णिया में नहीं रहने की धमकी दी गई हैं।
इसी आलोक में पूर्णिया पुलिस ने पप्पू यादव और उनके खास अमित यादव पर आईपीसी की धारा 385,504,506एवं 34के तहत मामला मुफ्फसिल थाना में दर्ज किया हैं।
नव निर्वाचित सांसद पप्पू यादव ने कहा हैं कि देश प्रदेश में बढ़ रही लोकप्रियता को लेकर उनके विरुद्ध खडयंत्र रचा गया हैं जिसकी जांच आवश्यक हैं।उन्होंने कहा कि अगर में दोषी हुं तो मुझे फांसी पर लटका दिया जाय।
मुफ्फसिल थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी को लेकर तरह तरह की चर्चाएं होने लगी हैं। चर्चा यह भी हैं कि वर्ष 2021के दो अप्रेल को अगर व्यवसायी से पप्पू यादव या उनके खास अमित यादव ने रंगदारी मांगी थी तो उनके विरुद्ध उसी समय में यह प्राथमिकी दर्ज क्यू नहीं हुई ,व्यवसाई ने इस मामले में अगर प्राथमिकी नहीं दर्ज करायी तो वर्ष 2023में मांगी गयी रंगदारी में व्यवसायी को प्राथमिकी दर्ज कराना चाहिये लेकिन इस वर्ष भी व्यवसायी ने प्राथमिकी नहीं दर्ज करायी ,यह प्राथमिकी वर्ष 2024में चुनाव जीतने के बाद करायी गई हैं ?आखिर व्यवसायी ने चुनाव जीतने के बाद ही पप्पू यादव पर प्राथमिकी क्यू दर्ज कराया। ?यह सवाल आम जनता का हैं और चौक चौराहों पर उस व्यवसायी के प्रति लोंगों में गुस्सा देखा जा रहा हैं।

लोंगों का यह भी कहना हैं कि अगर रंगदारी अमित यादव ने मांगी तो अमित पर प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिये ऐसा भी हो सकता हैं कि अमित ने रंगदारी मांगी हो और पप्पू यादव के संज्ञान में बात नहीं हो ?और जिस जिस समय में व्यवसायी से रंगदारी मांगी गई उस उस समय में थाने में प्राथमिकी होनी चाहिये थी जो नहीं हुआ ?कई ऐसे सवाल हैं जो इस प्राथमिकी की और इशारा कर रहें हैं

इस प्राथमिकी की हकीकत  अनुसंधान के बाद ही  सामने आयेगी लेकिन स्थानीय लोंगों का कहना हैं कि इस प्राथमिकी में किसी बड़े नेता की साजिश की बू आ रही हैं जिसने पप्पू यादव पर प्राथमिकी दर्ज करायी हैं ,व्यवसायी को मोहरा बना दिया गया हैं।लोंगों का कहना हैं कि अगर रंगदारी जैसी बात होती तो पूर्णिया में इस लकड़ी व्यवसायी से भी बड़े -बड़े व्यवसायी हैं लेकिन उनके तरफ से कोई भी शिकायत नहीं हैं ?स्थानीय लोग तर्क देते हुये कह रहें हैं कि अगर सांसद पप्पू यादव को रंगदारी ही मांगना था तो कई दर्जन व्यवसायी हैं उनसे भी रंगदारी की मांग करते ,पर ऐसी कोई बात ही नहीं हैं ?अगर सांसद पप्पू यादव इस प्रवृति में आज के दिनों में रहते तो यहां की जनता उन्हें नकार देती और कभी वह सांसद नहीं बन पाते लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी जनता ने वैसे ही उन्हें अपने सिर पर नहीं बैठाया हैं उनके अच्छे कर्मों ने ही उन्हें सांसद बनाया हैं।