अधिवक्ताओं ने वट सावित्री दिवस पर 6 जून को फौजदारी मुकदमे में मैथिली में किया बहस।मैथिली में बहस के दौरान पक्षकारों के चेहरे पर खुशी।
अधिवक्ताओं ने वट सावित्री दिवस पर 6 जून को फौजदारी मुकदमे में मैथिली में किया बहस।मैथिली में बहस के दौरान पक्षकारों के चेहरे पर खुशी।
अधिवक्ताओं ने वट सावित्री दिवस पर 6 जून को फौजदारी मुकदमे में मैथिली में किया बहस।मैथिली में बहस के दौरान पक्षकारों के चेहरे पर खुशी।
दरभंगा /विधि संवाददाता
सिविल कोर्ट दरभंगा के न्यायिक दण्डाधिकारी राघव की कोर्ट में तीन अलग- अलग फौजदारी मुकदमें में तीन अधिवक्ताओं ने मैथिली भाषा में बहस किया। सर्वप्रथम वरीय अधिवक्ता शशिकांत झा ने एक आपराधिक मामला में अभियुक्त की ओर से मैथिली भाषा में बहस किया । वहीं एक आपराधिक मुकदमा में जमानत याचिका पर एकल अभियुक्त की नियमित जमानत के लिए अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने मैथिली भाषा में बहस किया। वहीं एक आपराधिक मामला के अभियुक्त की जमानत याचिका पर बहस अधिवक्ता पवन कुमार चौधरी ने मैथिली में किया। न्यायिक दण्डाधिकारी श्री राघव ने तीनों अधिवक्ताओं के द्वारा मैथिली में किये गये बहस को सुना और तीनों वाद अभिलेख में अलग – अलग न्यायिक आदेश पारित किया। कोर्ट के बाहर निकलते ही वरीय अधिवक्ता शशिकांत झा ने कहा कि 6 जून को वट सावित्री पूजा करके सोहागिन महिला अपने पति की लंबी आयु और अपने परिवार की सुख समृद्धि की कामना करती है। इसलिए इस महत्वपूर्ण दिवस को भारत के आठवीं अनुसूची में शामिल मधुर भाषा मैथिली में भी बहस किया ।कोर्ट में मैथिली में बहस सुनकर मुकदमे के पक्षकारों के चेहरे पर खुशी देखा गया।
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