फेंकला थाना की पुलिस ने एक देशी कट्टा के साथ चार बदमाशों को किया गिरफ्तार।दो मोटरसाइकिल ,चार मोबाईल समेत 92सौ रुपया बरामद।
फेंकला थाना की पुलिस ने एक देशी कट्टा के साथ चार बदमाशों को किया गिरफ्तार।दो मोटरसाइकिल ,चार मोबाईल समेत 92सौ रुपया बरामद।
फेंकला थाना की पुलिस ने एक देशी कट्टा के साथ चार बदमाशों को किया गिरफ्तार।दो मोटरसाइकिल ,चार मोबाईल समेत 92सौ रुपया बरामद।
दरभंगा /संजय कुमार राय
फेंकला थाना की पुलिस ने एक देशी कट्टा समेत चार मोबाईल फोन दो मोटरसाईकिल एवं साढ़े नौ हजार रुपये नगदी के साथ चार बदमाशों को गिरफ्तार किया हैं। बताया जाता हैं कि इन चारों बदमाशों की गिरफ्तारी देर रात हुई हैं ,किसी घटना को अंजाम देने सभी आयें हुये थे लेकिन पुलिस ने एन मौके पर सभी को गिरफ्तार कर लिया।सभी बदमाश बीस से बाईस वर्ष उम्र के बीच के हैं।
सदर एसडीपीओ अमित कुमार ने इस बाबत प्रेस वार्ता आयोजित कर कहा कि फेंकला थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दो मोटरसाइकिल पर सवार चार अपराधी किसी घटना को अंजाम देने के लिये एक पुल पर खड़ा हैं। इसी सूचना पर फेंकला थानाध्यक्ष तृषा शैनी ने अपने दल बल के साथ ज्योंही उस पुल पर पहुंची कि सभी अपराधी वहां से भागने का प्रयास किया लेकिन फेंकला थाना की पुलिस ने सभी को खदेड़कर पकड़ा और उसे थाना लाया। पुलिस ने जब तालाशी ली तो अमरजीत के कमर से देशी पिस्टल बरामद किया ,सभी के पास से मोबाईल को जब्त किया। मोबाईल को खोलकर देखा गया तो स्क्रीन पर देशी कट्टा के साथ चारों का फोटो भी पाया गया। दो मोटरसाइकिल जिसपर सवार होकर बदमाश आयें थे उसे भी पुलिस ने जब्त किया यही नहीं 92सौ नगदी रुपये भी बरामद हुये हैं।
गिरफ्तार बदमाशों मे गोड़ीया गांव के उचित यादव के पुत्र अमरजीत कुमार ,फतेहपुर गांव के लोचन यादव के पुत्र मुकेश कुमार ,कुशोथर गांव के पल्लर मंडल के पुत्र नितेश मंडल एवं कामेश्वर मंडल के पुत्र विशाल मंडल हैं। सभी फेंकला ओपी क्षेत्र हैं।
इन सभी से पुलिस पूछताछ कर रही हैं। थानाध्यक्ष तृषा सैनी ने बताया कि सभी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर न्यायिक हिरासत मे भेजा जा रहा हैं।
यहां बता दे कि फेंकला थानाध्यक्ष तृषा शैनी महिला पुलिस पदाधिकारी होते हुये इतना हिम्मत दिखाई जो जिले के कई थानाध्यक्ष पुरुष भी नहीं दिखा नहीं पाते। जिला के कई ऐसे थानेदार हैं जिनके थानेदारी पर प्रश्न चिन्ह हैं ,क्यूंकि थानाध्यक्ष रहते बेहतर पुलिसिंग नहीं कर पाते,अगर फेंकला थानाध्यक्ष सूचना मिलने पर थोड़ी सी कोताही बरत देती तो शायद यें बदमाश पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ते, जिस समय यह बदमाश पकड़े गये थे उस वक्त देर रात थी और इस देर रात मे कई थानाध्यक्ष आराम फरमाते मिलते हैं ।