भोजपुर के पूर्व एसपी हुये 34महीनों के बाद हुये निलंबन मुक्त ,हालांकि चलती रहेगी विभागीय कार्यवाही।
भोजपुर के पूर्व एसपी हुये 34महीनों के बाद हुये निलंबन मुक्त ,हालांकि चलती रहेगी विभागीय कार्यवाही।
भोजपुर के पूर्व एसपी हुये 34महीनों के बाद हुये निलंबन मुक्त ,हालांकि चलती रहेगी विभागीय कार्यवाही।
दरभंगा /संजय कुमार राय
बालू के अवेध खनन के मामले मे निलंबित भोजपुर के पूर्व एसपी राकेश दुबे को 34महीने बाद सरकार ने निलंबन से मुक्त कर दिया हैं। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण यानि कैट के आदेश के बाद बिहार सरकार के गृह विभाग ने आईपीएस राकेश दुबे को पुलिस मुख्यालय मे योगदान देने को कहा हैं। यहां बता दे कि वर्ष 2021मे बिहार सरकार ने अवेध बालू खनन मे पदाधिकारियों की संलिप्ता को लेकर एक मुहिम चलाया था उस वक्त आईपीएस दुबे भोजपुर के एसपी थे। राज्य सरकार की एजेंसी इओयू ने आरोप लगाया कि बालू खनन मे भोजपुर के एसपी की भी संलिप्तता हैं और उनका आचरण संदेह के घेरे मे हैं। इन्हीं आरोपों के कारण 27जुलाई 21को राकेश दुबे को दो महीना के लिये निलंबित कर दिया यही नहीं सरकार ने कई बार इनके निलंबन की अवधि बढ़ा दी। थक हारकर आईपीएस राकेश दुबे ने निलंबन के खिलाफ कोर्ट एवं गृह मंत्रालय मे अपील दायर किया। इसके बाद राज्य सरकार को निलंबन की समीक्षा कर आवश्यक कारवाई करने का निर्देश दिया गया। इसी बीच बिहार सरकार के फैसले के खिलाफ राकेश दुबे ने कैट मे अपील की। कैट ने 9फरवरी 24को ही निलंबन मुक्त करने के लिये राज्य सरकार को पत्र लिखा लेकिन करीब दो माह से अधिक समय बीत जानें के बाद 22मई 2024को श्री दुबे का निलंबन निरस्त कर दिया हैं हालांकि राज्य सरकार के आदेश से स्पष्ट हैं कि राकेश दुबे के खिलाफ विभागीय कारवाई चलती रहेगी और राकेश दुबे को पूरा सहयोग करना पड़ेगा।