वादा निभाने मे दिल के बादशाह हैं शहर के नामचीन चिकित्सक ,इनके संरक्षण मे लगे हैं जिले के कई पदाधिकारी एवं राजनेता।पैसों की गर्मी इतनी कि अपने आगे सभी को समझते हैं” बौना “॥

दरभंगा /संजय कुमार राय 

एक गाना आपने सुना होगा कि “जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा “और डॉक्टर साहब उस वादा को निभाने मे इतने मशगूल हो गये कि इनकी चर्चाएं घर के बाहर होने लगी।जी हाँ इनके इस कारनामे से मुहल्ले के लोग भी त्रस्त हैं ?

दरभंगा के चर्चित चिकित्सक के गलत कारनामो मे जिला के कई वरीय अधिकारियों एवं कई वरीय नेताओं का संरक्षण प्राप्त हैं ,  इस कारण इनका मिजाज हमेशा सातवें आसमान पर रहता हैं और अपने आगे सभी को बौना समझते हैं ?कुछ साल पहले इनके यहां से एक प्रेमिका भाग गई थी ,इस कारण डॉक्टर साहब इतने बैचेन हो गये कि इनके रात की नींद उड़ गई ,इनका चेन खो गया ,दिन रात पागलों की तरह इस गांव से उस गांव ,गली -मुहल्ले यार -दोस्तों से अपनी जुबानी उसे खोज कर लाने की बात कहते थे।

जब यह बात चर्चे मे बात आई तो  डॉक्टर साहब के मदद मे कई पदाधिकारी और नेता भी मैदान मे कूद गये ?अंततः वह वापस आइ, और डॉक्टर साहब के मिजाज हरे -भरे हो गये।

डॉक्टर साहब के प्रेमिकाओं को लेकर उनके मुहल्ले मे भी चर्चा जोरों पर हैं। मुहल्लेवासियों का कहना हैं एक नहीं कई  प्रेमिकाओं के बीच इनकी रासलीला होती हैं। लोग बताते हैं कि यें प्रेमिकाएं फिलहाल एक साथ हैं ,और अस्पताल मे काम कर रही हैं। मुहल्ले के लोंगों ने बताया कि इसमें एक प्रेमिका कुछ माह पहले गुस्से मे अस्पताल छोड़कर भाग गई। डॉक्टर साहब बहूत परेशान हो गये। कई दोस्तों समेत अन्य लोंगों से उसे लाने को कहा लेकिन वह नहीं आयी। वह प्रेमिका तब तक दूसरे अस्पताल मे जॉइन कर ली थी । लेकिन जब डॉक्टर साहब काफी छानबीन करने लगे  तो वह उस अस्पताल को छोड़ दूसरे अस्पताल चली गई। कुछ दिनों बाद डॉक्टर साहब को यह पता चल गया कि वह फंला जगह काम कर रही हैं ,उन्होंने उसे वापस लाने की पुरजोर कोशिश की  लेकिन उनके कहने पर वह नहीं आई।

बताया जाता हैं कि इसके बाद जिले के एक नेता ,पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारियों के पहल पर डॉक्टर साहब से सुलह हुई और  वह फिर डॉक्टर साहब के यहां वापस आ गई । बताया जाता हैं कि यह प्रेमिका डॉ॰ साहब का वह हर राज जानती हैं जिसके उगल देने मात्र से बड़ी समस्या हो सकती हैं

और यह प्रेमिका पहला -पहला प्यार हैं जिसके लिये भी बहूत कुछ वें कर गुजरते हैं।
एक खासियत डॉक्टर साहब मे हैं कि जिस जिस से प्यार किये उसे बखूबी निभा रहें हैं अब देखिये कि दूसरे प्रेमिका की बेटी का एडमिशन मात्र होली क्रॉस मै नहीं होने से उसके लिये स्कूल खोल दिये  ,साथ ही करीब दो करोड़ का मकान दे दिये।
डॉ॰ साहब की डॉ॰ दंपति पति के इस कारनामे को हर दिन देखती हैं और  चुप रहती हैं ,अगर विरोध करती हैं तो मार खाती हैं। इसी वजह से गुस्से मे दो फायर भी कर दी ,अगर यही हरकत कोई आम आदमी कर देता तो पुलिस की कारवाई का कोप-भाजन होना पड़ता लेकिन स्थानीय पुलिस ने इस मामले मे कोई भी कारवाई करना उचित नहीं समझा।खुलेआम डॉक्टर साहब कहते नजर आते हैं कि बड़े बड़े पदाधिकारी और नेता उनके कदमों मे हैं और ऐसा लगता हैं कि पैसों की चाहत मे पदाधिकारी और नेता वास्तव मे इनके आगे नतमस्तक हैं।अब देखिये पुलिस ने इनका पिस्टल और खोखा जब्त किया ,लेकिन गोली चलाने को लेकर एक नोटिस तक नहीं भेजा कि किस परिस्थिति मे आपके यहां गोली चली ?हाँ इतना जरूर होगा कि जब्त पिस्टल और खोखा को लेकर स्थानीय पुलिस स्टेशन डायरी मे जरूर अंकित किया होगा लेकिन कारवाई नदारत ?इससे पता चलता हैं कि डॉक्टर साहब की पैठ पुलिस मे भी कितनी जबरदस्त हैं।

और भी कई कारनामे डॉक्टर साहब के हैं।

पढ़ते रहिये दस्तक 7