AK47 “जैसे हथियारो की बरामदगी के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस को मिली बड़ी सफलता मगर ऐसे हथियारो के खरीद -बिक्री का मास्टरमाइंड कौन ?बिहार पुलिस के लिये यह बड़ी चुनौती ?

दरभंगा /संजय कुमार राय 

मुजफ्फरपुर जिले की एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के संयुक्त कारवाई से तीन शातिर बदमाश के साथ बरामद किये गये AK47एसाल्ट रायफल के बाद लोंगों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म हैं। एक तरफ लोंगों का कहना हैं कि पुलिस द्वारा AK47को बरामद करना बड़ी उपलब्धि हैं,वहीं दूसरी और यह प्रश्न भी कर रहें हैं कि आखिर AK 47जैसे हथियार ये बदमाश आखिर लाते कहां से हैं ?
हथियार को बनाने और उसे बेचने मे मुंगेर जिला का नाम सबसे आगे पूर्व से रहा हैं  लेकिन लगातार पुलिस की कारवाई से मुंगेर जिला अभी शांत हैं। हालांकि सूत्र कहते हैं कि मुंगेर जिला मे अभी भी देशी कट्टा ,देशी रिवाल्वर या फिर पिस्टल जैसे हथियार अभी भी बनायें जाते हैं और गुप्त रूप से बेचा जाता हैं। अभी तक जो जानकारी हैं उसमें AK 47जैसे घातक हथियार मुंगेर जिला मे नहीं बनायें जाते हैं ?ऐसे मे सवाल यही हैं कि इन बदमाशों से मिलें AK 47आखिर बनते कहां हैं ?और इन बदमाशों के पास कहां से AK47आते हैं  ?आखिर कहीं ना कहीं से इस हथियार को बदमाशों ने खरीदा होगा।

पुलिस को इन बिंदुओं पर काम करना चाहिये और पता लगाना चाहिये कि ऐसा घातक हथियार कहां से खरीदा ?

करीब दो दशक पूर्व की बात करें तो कुछ नामचीन अपराधी ऐसे हथियारो को असम के राज्य या फिर नागालैंड से बिहार के राज्यों मे मंगाया करते थे।झारखंड के राज्यों मे कई दशक पूर्व माओवादी और कुछ अपराधियों के पास से पुलिस ने इस हथियार को बरामद किया था जिसमें यह बात सामने आयी थी कि यह हथियार असम और नागालैंड से आयें हैं।
सवाल यही कि क्या यह हथियार नागालैंड मे  बनायें जाते हैं ?अगर बनायें जाते हैं और बेचे जाते हैं तो इस गोरखधंधे का मास्टरमाइंड कौन हैं ?अगर ऐसे मास्टरमाइंड को पुलिस नहीं दबोचती हैं तो वह दिन दूर नहीं जब फिर से अपराधी AK47खरीदकर कहीं भी आपराधिक घटना को अंजाम दे दे  ?????
फिलहाल AK 47के साथ तीन बदमाश पकड़े गये हैं और भी कई बदमाश होंगे जिनके पास यह हथियार पूर्व मे आयें होंगे। ऐसे मे पुलिस को और भी बारीकी से काम करना होगा और  ऐसे अपराधियों को दबोचना होगा जो इस धंधे का मास्टरमाइंड हैं ,यही नहीं मुजफ्फरपुर के अलावे और भी जिले के बदमाश ऐसे हथियारो को खरीदकर रखा होगा,जिसे पड़ताल करने की जरूरत हैं।