महादेव मठ मे अग्नि का रोंद्र रूप ,24घंटे बाद पाया गया आग पर काबू ,सभी घर जलकर राख।
कुशेश्वरस्थान/प्रशांत कुमार
महादेव मठ को लगी किसकी नजर ?आखिर क्यों महादेव के नाम पर बसा इस गांव को खुद महादेव भी नही बचा सके। महादेव मठ के गांव के लोगो का क्या दोष था जो 24 घंटे तक अग्नि देव अपना रौद्र रूप दिखाते रहे। 24 घंटे बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गांव का कितना भयावह दृश्य होगा।
उजुआ सिमरटोका पंचायत के वार्ड संख्या 04 और 05 महादेव मठ में एक भी घर ऐसा नही बचा जिसे आग ने अपने आगोश में नही लिया हो। आग लगने के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने 06 अग्निशमन वाहन के साथ महादेव मठ पहुंचे पर आग की लपेटे इतनी बड़ी थी कि अग्निशमन भी आग पर काबू पाने में सफल नहीं हो सका। बताया जाता है कि दरभंगा के आलावे खगड़िया से भी अग्निशमन वाहन को आग पर काबू पाने के लिए बुलाया गया था। कुशेश्वरस्थान सीओ गोपाल पासवान और बीडीओ किशोर कुमार लगातार गांव में मौजूद रहे। और काफी मशक्कत के बाद 24 घंटे बाद आग पर काबू पाया तब तक गांव में राख के आलावे कुछ बचा नही।
गांव के लोग आस पास के खेतों में लोग प्लास्टिक लगाकर किसी तरह अपने परिवार के साथ दिन बिताने के लिए मजबूर है। इस चिलचिलाती धूप में प्लास्टिक के नीचे अपने बच्चे के साथ रहना कितना मुश्किल होता है कोई इस गांव के लोगो से पूछे। ना खाने के लिए अनाज हो और ना पीने का पानी सिर्फ एक प्लास्टिक के सहारे लोग जीवन काट रहे हैं ।
अंचल की ओर से तत्काल दी जा रही है राहत से लोगों लोगो ने राहत की सांस ली है। महादेव मठ स्थित रेज्ड प्लेटफार्म पर अंचल की ओर से सामुदायिक किचन की व्यवस्था की गई है। लोगो के बीच प्लास्टिक का वितरण भी किया गया है।
इस मामले में सीओ श्री पासवान ने बताया कि गांव के कोई भी लोग भूखा नही रहे इसके लिए सामुदायिक किचेन की व्यवस्था कल से ही शुरू कर दी गई है। लोगो के ठहरने के लिए बाढ़ शरणस्थली भवन के साथ रेज्ड प्लेटफार्म पर टेंट की व्यवस्था की गई है और साथ ही गांव के वार्ड सदस्य के घर में व्यवस्था की गई है ताकि लोग धूप से बच सके। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम भी लगातार कैंप कर रही है।
