“इंदिरा मेडम “के सम्मान मे कई जगहों पर विदाई समारोह आयोजित ,तात्कालीन महिला थानाध्यक्ष के अलावे महिला थानाध्यक्ष ने भी किया विदाई सम्मान समारोह ,कई पुलिसकर्मी थे उपस्थित।
दरभंगा/संजय कुमार राय
…………….और इन्द्रा मैडम सेवानिवृत हो गई। मृदुभाषी ,सहज स्वभाव ,पुलिसिंग से हटकर इंसानियत की पाठ पढ़ाते -पढ़ाते आखिरकार वह वक्त आया जब पुलिस विभाग से सेवा निवृत हो गई।
गोरा -चिट्टा चेहरा ,6फिट की लंबाई ,गठीला शरीर और इस शरीर पर जब पुलिस की वर्दी चढ़ जाती थी तो सामने से देख रहें लोंगों के पसीने छूट जाते थे लेकिन जब उनसे कोई पीड़ित समस्या को लेकर बात करता था तो वह एक अविभावक बनकर समझाती थी और कुशल व्यवहार दिखाती थी।
हम उस इन्द्रा मेडम की बात कर रहें हैं जो महिला थाना मे कभी एसआई तो कभी अपर थानाध्यक्ष के रूप मे काम करते करते सेवानिवृत हुई हैं।
लोंगों का प्यार इतना कि कई जगहों पर उनकी विदाई लोंगों ने की ,वहीं तात्कालीन महिला थानाध्यक्ष नुसरत जहां पटना से दरभंगा आकर बड़ी धुमधाम से राधे -राधे होटल मे इन्द्रा रानी को कई उपहार देकर अपनी अगाढ प्रेम के होने का परिचय दिया। फिलहाल इंस्पेक्टर नुसरत जहां पटना के गांधी मेदान मे तैनात हैं। इंस्पेक्टर नुसरत जहां जब एसआई इन्द्रा रानी से गले मिली तो दोनों की आँखें भर आई। इंस्पेक्टर नुसरत ने कहा कि सरकारी सेवा मे एक उम्र होने पर सेवानिवृति तो होती हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रेम अटूट हैं और आगे भी रहेगा।
वहीं दूसरी और महिला थाना पर विदाई समारोह का आयोजन किया गया। महिला थाना अध्यक्ष आरती कुमारी और उनकी टीम ने भी कई उपहार देकर उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर थानाध्यक्ष आरती ने कहा कि यह वक्त हर सरकारी नौकरी वालों के लिये आता हैं। थानाध्यक्ष आरती ने कहा कि इंदिरा मेडम अभिभावक के तरह थी ,थाना के सभी पुलिसकर्मी उनका सम्मान करते थे। उन्होंने कहा कि इनके साथ बहूत कम दिनों तक काम करने का मौका मिला लेकिन इंदिरा मेडम बेहतर पुलिस पदाधिकारी के साथ साथ एक अच्छी इंसान थी,कभी उन्होंने वर्दी का घमंड नहीं दिखाया। इस दौरान महिला थाना के सभी महिला पुलिस पदाधिकारी के अलावे पुलिसकर्मी मौजूद रहें। मिथिला के परमपरागत पाग चादर से उन्हें सम्मानित करते हुये उपहार दिया।
