सिरुआ गांव के लोंगों ने कायम की मिसाल ,अग्नि पीड़ितों को भोजन के अलावे उपलब्ध कराया कपड़ा ,डीएम के निर्देश पर अग्नि पीड़ितो को मिला 12-12हजार की धनराशि।नेताओं ने कहा ,हम आर्थिक मदद कैसे करें लगा हुआ हैं आचार -संहिता।

दरभंगा /संजय कुमार राय 

चुनाव का मौसम ,फिजायें कुछ और कह रही हैं लेकिन कुदरत की मार से व्याकुल कई दलित परिवारों के सहयोग मे पूरा गांव जमीन पर उतर गया और एक दूसरे के मदद मे भीड़ गये।आग लगने से बेघर हो चुके लोग दाने दाने के लिये तरस रहें थे।लेकिन स्थानीय लोंगों ने अपने समाज का हिस्सा समझ कदम आगे बढ़ाना शुरू किया और पीड़ित परिवारों को भूखे नहीं रहने दिया यहां तक कि वस्त्र देकर उनके बदन भी ढक दिया।जात पात से इतर इंसानियत का रंग लोंगों ने दिखाया।यही नहीं दरभंगा के जिलाधिकारी राजीव रोशन भी इसे गंभीरता से लेकर सरकारी सहायता पहुंचाया।

बहेड़ी प्रखंड अंतर्गत सिरुआ गाँव के अग्नि पीड़ित दलित परिवारों के सहयोग मे समाज के लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया हैं।

ज्ञात हो कि 28 अप्रैल क़ो सिरुआ के दलित बस्ती में भीषण आग लग गयी. ज़ब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची, तब तक ग्रामीणों ने आग पार काबू पा लिया था , इसके बावजूद  करीब 4 दर्जन घर जल गये. सब कुछ राख हो गया. बाइक मवेशी समेत दर्जनों दलित परिवार का कपड़ा लत्ता अन्न सभी राख बन गये. ऐसी आपदा में इस पीड़ितों के बीच समाज के कुछ लोग आगे आये और राहत कार्य शुरू हुआ. हालांकि बहेड़ी के सीओ. अगलगी का मुआयना करने आये पर तत्काल सरकारी राहत पीड़ितों को नहीं दी गयी ।

गाँव के लोगों ने ही आपसी सहयोग से भोजन बनवाना शुरू किया और अग्नि पीड़ितों क़ो भोजन मिलना प्रारम्भ हुआ, जो जारी है. सरकारी स्तर पर भोजन की आज तक व्यवस्था नहीं हुई. सिरुआ गाँव के चंद्रजीत सिंह ने अपने स्तर से सभी महिलाओ क़ो साड़ी, पुरुषो क़ो लुंगी गंजी, बच्चों क़ो वस्त्र और सभी पीड़ित परिवार क़ो राशन वितरित किया।

चिरंजीव झा बाबू साहेब झा ने भी अलग से वस्त्र वितरित किये।इस दौरान कई प्रत्याशी और नेता पहुचे जरूर पर फोटो खिचवा कर चल दिए. सहयोग की मांग पर आचार संहिता की बात कह कर चले गये. गांव के पंचायत समिति सदस्य राणा शुभांकर सिंह के प्रयास से डीएम के निर्देश के आलोक मे सीओ के द्वारा 30 अप्रैल क़ो रौदी सदा, मौजे सदा, धर्मेंद्र सदा जगत पासवान सहित 22अग्नि पीड़ितों के बीच 12 हजार रूपये का चेक और प्लास्टिक शीट दिया गया.