रेडिएंस क्लासेज ने आईआईटी जेईई के रिजल्ट में मारी बाजी, कृष्ण राज को मिला कटेगरी रैंक 86
,15 में से 13 विद्यार्थी  हुए सफल, देंगे जेईई एडवान्स
– ड़ॉयरेक्टर कैप्टेन ए के झा नें दी ब़धाई
– केक काटकर मनाया गया जश्न
– सफल छात्रों ने जुनियर प्रतिभागियों को दिए टिप्स

दरभंगा /

दरभंगा देश के सबसे कठीन परिक्षाओं में से एक आईआईटी जेईई की परीक्षा का परिणाम बुधवार की देर रात नेशनल टेस्टींग एजेन्सी (एनटीए) ने जारी कर दिए. यह मौको दरभंगा के लिए सुनहरा रहा. एक साथ दरभंगा से 13 बच्चों नें सफलता हासिल की है. मिथिलांचल स्थित मधुबनी जिला के विशरिया चिकना गांव के कृष्ण राज ने अपनी कटेगरी में इस परीक्षा में 86 वां ऑल इंडिया रैंक हासिल कर माता पिता का नाम रौशन किया है. वहीं संस्थान के साथ-साथ शहर का मान भी बढ़ाया है. रेडिएंस क्लासेज नें ऐसा किर्तीमान स्थापित कर दिया है जो अभी तक शहर के लिए केवल सपना भर था. कृष्ण के माता मिनाक्षी कुमारी व पिता संजीव कुमार साहू ने बेहतर शिक्षा के लिए संस्थान को धन्यवाद दिया. इस रिजल्ट के बारे में बताते हुए रेडिएंस क्लासेज के डॉयरेक्टर कैप्टेन आशुतोष कुमार झा ने बताया कि इन तेरह सफल बच्चों में से 11 ने यह सफलता अपने पहले प्रयास में हासिल की है. सेंटर मैनेजर दीपक कुमार ने बताया कि सफल विद्यार्थियों में सौरभ कुमार, अंसुमान अग्रवाल, अनूज कुमार, केशव कुमार नायक, शिवांगी, सुमित कुमार लाल, अनमोल कुमार, प्रशून झा, राज आर्यन चौधरी, स्नेहा अंशु, कृष्ण राज, आयूषी झा व रामनाथ शामिल है. संस्था की और से इन बच्चों को सफलता के लिए बधाई भी दी गयी और गुरूवार को रेडिएंस क्लासेज में जश्न भी मनाया गया. सफल छात्रों ने अपने अगले वर्ष के प्रतिभागियों से अपने सफलता के तरिके भी शेयर किए. सफल छात्रों नें अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता व गुरूजनों को दिया. परीक्षा में सबसे अधिक अंक लाने वाले केवटी ब्लॉक के बरही निवासी सौरभ ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिती ऐसी नहीं थी कि वो बाहर जाकर तैयारी कर पाता. लेकिन रेडिएंस में पढ़ते हुए कभी इसकी कमी महसूस नहीं हुई. हमेंशा शिक्षकों नें और संस्था की ओर से हमारी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया गया. सौरभ ने बताया कि प्रतिक सर व प्रविण सर की मदद से फिजिक्स का डर खत्म हो गया. वहीं दीपक सर नें मैथ की बहुत हीं अच्ची तैयारी कराई. तीनों विषयों में मिले मार्गदर्शन के कारण हीं मैं 99 परसेंटाईल से उपर ला सका. सौरभ की माता नूतन गुप्ता व पिता अमरजीत प्रसाद गुप्ता ने संस्था को लेकर अपनी खुशी जाहिर की और कहा कि अभिभावकों को कहीं भी भटकने की जरूरत नही. रेडिएंस क्लासेज से बेहतर संस्था नहीं मिलेगी जो बच्चों पर इतना ध्यान देती हो. अंशुमान व अनुज ने बताया कि संस्था से मिले नोट्स हीं तैयारी के लिए काफी रहे. समय समय पर हमें हमारी प्रोग्रेस के आधार पर मार्दर्शन मिला. कैप्टेन झा ने बताया कि मिथिला में संस्था शुरु करने का यहीं उद्देश्य था कि शिक्षा के लिए किसी को बाहर जाने की जरूरत ना पड़े. उन्होंने कहा कि वैसे तो बहुत से संस्थान दरभंगा में हैं. लेकिन ऐसा एक भी संस्थान नहीं था जो बच्चों के पढ़ाई की चिंता करता हो. यह देखकर और भी बूरा लगा कि संस्थान चलाने वाले ज्यादातर लोग ब्यवसायी हैं. जिन लोंगों का शिक्षा से कोई सिधा संबंध नहीं रहा है. जबकि रेडिएंस में हर टीम मेंबर विज्ञान के क्षेत्र में उच्च शिक्षा हासिल किए हुए है. जिससे बच्चों को हमेंसा सही ब्यवस्था मिल पाती है. कोई कमी ना रहे इसिलिए आईआईटी जैसे संस्थानों से पढ़ें शिक्षक दरभंगा में उपलब्ध कराये गये हैं. इतना हीं नहीं वर्षों से इन लोगों ने कोटा-पटना के बड़े बड़े संस्थानों में पढ़ाया है और बेहतर रिजल्ट देने का बड़ा अनुभव है. इसी कारण हमारा बच्चों के साथ अलग संबंध बन पाता है और हम बच्चों का भविष्य संवार पाते हैं. उन्होंने मिथिला वासियों से सही संस्थान के चुनाव में हमेंशा सावधानी बरतने की सलाह दी है.