कौन किसपर भारी ?चुनावी फिजा कुछ और कह रही हैं ,इंडिया और एनडीए गठबंधन के दावे कुछ अलग ?प्रतिपक्ष नेता तो कह दिया कि एनडीए को वोट भले दे दो ,निर्दलीय उम्मीदवार नहीं जितना चाहिये ?
कौन किसपर भारी ?चुनावी फिजा कुछ और कह रही हैं ,इंडिया और एनडीए गठबंधन के दावे कुछ अलग ?प्रतिपक्ष नेता तो कह दिया कि एनडीए को वोट भले दे दो ,निर्दलीय उम्मीदवार नहीं जितना चाहिये ?
कौन किसपर भारी ?चुनावी फिजा कुछ और कह रही हैं ,इंडिया और एनडीए गठबंधन के दावे कुछ अलग ?प्रतिपक्ष नेता तो कह दिया कि एनडीए को वोट भले दे दो ,निर्दलीय उम्मीदवार नहीं जितना चाहिये ?
पूर्णिया से संजय कुमार राय की रिपोर्ट /
पूर्णिया के लोकसभा चुनाव को लेकर सियासत का पेंच चरम पर हे ,सभी पार्टी के लोग जीतने के दावे कर रहें हैं लेकिन इस बीच पूर्णिया लोकसभा सीट से दिलचस्प खबरें सामने आ रही हैं। कोई राजद तो कोई बीजेपी तो कोई निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देने की बात कह रहें हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कह रही हैं। दस्तक 7की टीम जब पूर्णिया पहुंची और टीम के सदस्य जब मतदाता मालिक से मुखातिब हुये ,तो जवाब कुछ अलग ही मिल रहा था ?सवाल था कि लोकसभा चुनाव मे आप किसको वोट डालेंगे ? अधिकांश लोंगों का जवाब था जो भूखे को खाना खिलायेगा ,जो समाज मे समरसता कायम करेगा ,जो न्याय की बातें करेगा ,जो सुख -दुख मे भागीदार बनेगा ,जो विकास की बातें करेगा और विकास भी करेगा,ऐसे कई पहलुओं को गिनाते हुये लोग कह रहें थे कि हमें पार्टी से कोई मतलब नहीं हैं हमारे मसीहा तो निर्दलीय से चुनाव लड़ रहें हैं हमारा सपोर्ट उनके साथ ही रहेगा। सवाल फिर वहीं था कि क्या वोट के अंतिम समय तक उन्हें साथ देंगे ?जवाब “हाँ “मे था।
हाँ ,कुछ लोंगों ने यह भी कहा कि हम देश की उन्नति चाहते हैं और देश के विकास के लिये हमारे प्रधान सेवक काफी हैं।
तेजस्वी ने क्या कह दिया ,इंडिया नहीं तो एनडीए को वोट दे दो ?
सियासी हलचल इतनी तेज हैं कि राजद के प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव ने अपनी सभा मे दो टूक कह दिया कि पूर्णिया की जनता या तो बीमा भारती को वोट करें या फिर संतोष कुशवाहा को वोट दे ताकि निर्दलीय उम्मीदवार पप्पू यादव का अखाड़ा शून्य हो जाय ,जब्कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव राजद प्रत्याशी बीमा भारती के लिये वोट मांगने पूर्णिया पहुंचे थे। तेजस्वी यादव ने खुलकर कहा कि किसी के धोखे मे ना आयें ,यह चुनाव किसी व्यक्ति का चुनाव नहीं एनडीए एवं इंडिया की लड़ाई हैं। उन्होंने आम लोंगों से अपील की कि इंडिया को चुनिये और बीमा भारती को वोट दीजिये अगर इंडिया को नहीं चुन सकते तो एनडीए को चुन लीजिये।
पूर्णिया मे बीमा भारती का मुकाबला एनडीए प्रत्याशी संतोष कुशवाहा से हैं।
पूर्णिया मे तेजस्वी ने निर्दलीय प्रत्याशी पप्पू यादव का खुलकर विरोध किया हैं। उनके भाषण से सिर्फ यही निष्कर्ष निकलता हैं कि पप्पू यादव की जीत किसी कीमत पर नहीं हो।
ऐसे मे पूर्णिया मे लोकसभा चुनाव और भी गर्म हो गया हैं।
लेकिन इससे इतर जनता ने कुछ अलग मिजाज बना लिया हैं। कई लोग अब यह भी कहते नजर आ रहें हैं कि कोई भी जनता किसी पार्टी की जागीर नहीं हैं कि हुक्म दे दिया और लोग उनके हुक्म को मान लें इससे तानाशाही झलकता हैं।
कई दिनों तक पूर्णिया लोकसभा मे गांव और शहर घूमकर संवाददाताओ ने जानकारी जुटाई तो सामने कूछ और ही बात आई जहां कोई पार्टी की उतनी बिसात नहीं दिखती।
निर्दलीय उम्मीदवार पप्पू यादव पहले ही राजनीति के शिकार हो चुके हैं। चर्चा हैं कि राजद सुप्रीमो ने पहले उनके पार्टी को कॉंग्रेस मे विलय करा दिया।
चर्चा यह भी हैं पार्टी के विलय से पहले राजद सुप्रीमो ने पप्पू यादव को पूर्णिया लोकसभा के लिये हामी भर दिया था कि वे पूर्णिया से चुनाव लड़ेंगे।लेकिन ठीक इसके पलट हो गई।इंडिया गठबंधन के कांग्रेस मे पप्पू यादव ने अपना पार्टी विलय क्या किया , राजद ने अपना प्रत्याशी उतार दिया और कॉंग्रेस भी अलग थलग दिखाई पड़ने लगी। अब ऐसे मे पप्पू यादव के लिये वजूद की लड़ाई हो गई हैं।
पप्पू यादव की जीत राजद के लिये खतरा ?बिगड़ सकता हैं जातीय समीकरण।
कहा यह भी जा सकता हैं कि राजद को यह भी डर हैं कि अगर पप्पू यादव की जीत पूर्णिया लोक सभा से हो जाती हैं तो आनेवाले समय मे राजद का जातीय समीकरण बिगड़ जाएगा ?