सड़क जाम से घंटों बाधित रहा लहेरियासराय टावर चौक एवं लोहिया चौक ?यातायात पुलिस के घंटों मशक्कत के बाद टूटा सड़क जाम।
सड़क जाम से घंटों बाधित रहा लहेरियासराय टावर चौक एवं लोहिया चौक ?यातायात पुलिस के घंटों मशक्कत के बाद टूटा सड़क जाम।
सड़क जाम से घंटों बाधित रहा लहेरियासराय टावर चौक एवं लोहिया चौक ?यातायात पुलिस के घंटों मशक्कत के बाद टूटा सड़क जाम।
दरभंगा /संजय कुमार राय
दरभंगा मे सड़क जाम रहने के कारण यातायात व्यवस्था घंटों बाधित रही। सड़क जाम के मामले मे सुर्खिया बटोर रही यातायात पुलिस को मुंह की खानी पड़ी।यातायात पुलिस की सुर्खिया कुछ दिनों तक चर्चा मे रही फिर वहीं बात हो गई ,जहां से शुरुआत हुई थी।
शहर मे अक्सर जाम लग जाती है।जाम लगे रहने के कारण लहेरियासराय थाना क्षेत्र के लोहिया चौक और लहेरियासराय टावर का नजारा शाम को अजब -गजब का दिखाई दे रहा था। गाड़ियों की लंबी कतार के साथ दो पहिया वाहन कतार मे दिखाई दे रहा था जिसपर सवार लोग पुलिस को भला बुरा कहते दिखाई पड़े ,संयोग था कि तब तक पुलिस वहां नहीं पहुंची थी। महज आधा किलोमीटर की दूरी पार करने मे लोंगों को घंटो लग गया । गाड़ियों के धुएं और धूल से लोग परेशान थे।
इस दौरान सूचना मिलने पर यातायात पुलिस दल बल के साथ लोहिया चौक पहुंची ,घंटों मशक्कत करने के बाद सड़क जाम धीरे धीरे हटा।
दरअसल यातायात प्रभारी के योगदान के बाद सड़क के कई भीड़ भार वाले इलाकों मे अतिक्रमण मुक्त कराया गया और दो चार दिन तक यह सिलसिला जारी रहा। इस मामले मे डीआईजी और एसएसपी भी शख्त थे। यातायात प्रभारी कुमार गौरव की धमक शहर के लोंगों को महसूस होने लगा लेकिन ज्यों ज्यों समय बीतता गया वैसे इनकी धमक खत्म होती गई। कुमार गौरव के धमक से यातायात व्यवस्था मे काफी सुधार हो गया लेकिन उनके द्वारा निरंतर कारवाई नहीं किये जानें के कारण फिर वहीं बात हो गई। सड़क पर दुकानें लगने लगी। स्थानीय दुकानदार अपने दुकान को सड़क पर लाने लगे। ठेला की दुकान भी सड़कों की शोभा बढ़ाने लगी। इधर सड़कों मे नो इंट्री रहने के कारण नो इंट्री मे जानेवाली गाड़िया उल्टे पांव चलने लगी।
दरअसल जब भी नये नये पदाधिकारियों की पोस्टिंग होती है तो कुछ दिनों तक अपनी हनक दिखाते रहते है और यह हनक कुछ दिनों तक रहती है फिर वहीं बात शुरू हो जाती है जो सभी जानते है। नाजायज पैसों के कमाई की चाहत अक्सर ज्यादा पुलिस पदाधिकारियों के दिल और दिमाग मे होती है और इसी हनक और धमक के बाद फिर वहीं बात रें वहीं बात ??