शौचालय का खिड़की तोड़कर फरार हुये है दोनो संदिग्ध ,पुलिस की लापरवाही मे जिम्मेदार कौन ?एसएसपी के बेहतर पुलिसिंग मे दाग लगा रहें है थानेदार ?

दरभंगा /संजय कुमार राय

बहादुरपुर थाना क्षेत्र के एकमी गांव स्थित हुये बम ब्लास्ट मे पकड़े गये दो संदिग्ध आखिरकार कैसे थाना केम्पस से फरार हो गया ?यह चर्चा का विषय है।

 चूक आखिर किससे हुई

कारण जो भी हो लेकिन पुलिस की लापरवाही तो हुई है और इसी कारण लहेरियासराय थाना केम्पस का खिड़की तोड़कर दोनों संदिग्ध फरार हो गये।

इस मामले मे अब थाने की पुलिस द्वारा लीपा -पोती की जा रही है।

एसएसपी के कारवाई से बचने के लिये अब पुलिस कह रही है कि दोनों युवकों को पूछताछ मे लाये थे और पूछताछ के बाद छोड़ दिये है।
अब सवाल उठता है कि जब दोनों युवकों छोड़ना ही था फिर पकड़ा क्यू गया और अगर दोनों को पकड़ा गया तो कैसे छोड़ दिया गया। अगर छोड़ दिया गया तो क्या उन दोनों युवकों से बॉन्ड भराया गया या पीआर बॉन्ड पर छोड़ा गया ?सूत्रों का कहना है कि थाना पुलिस द्वारा इस मामले मे कोई भी लिखित कारवाई नहीं की गई है।

यहां बता देना जरूरी है कि लहेरियासराय थाना के पीछे एक घर मे पुलिस ने दोनों युवकों को पूछताछ के लिये रखा था। सूत्र बताते है कि सोमवार की दोपहर थाना की पुलिस /टेक्निकल सेल की पुलिस मौजूद थी और दोनों पुलिस युवकों से पूछताछ कर रही थी। शाम ढलते ही सभी पुलिसकर्मी वहां से खिसक गये और लहेरियासराय थाना पुलिस के हवाले दोनों युवकों को एक रूम मे बंद कर सुपुर्द कर दिया। लहेरियासराय पुलिस द्वारा कुछ देर तक ही दोनों युवकों की निगरानी की गई और इसके बाद रूम मे बाहर से ताला लगाकर वहां की पुलिस चली गई। मौका पाकर दोनों युवकों ने रात के दो -तीन बजे के करीब उस रूम के बाथरूम का खिड़की ही तोड़ दिया और वहां से फरार हो गया।
अब आप प्रमाण ही देखना चाहते है तो देख लीजिये। इसी घर मे दोनों युवकों को रखा गया था और शौचालय का खिड़की पुराना होने के कारण खिड़की तोड़कर दोनों संदिग्ध फरार हो गया।

शौचालय का टूटा हुआ खिड़की 

ऐसे मे तो यह जाहिर है कि पकड़कर लाये गये दोनो पुलिस की लापरवाही के कारण दो बजे रात मे पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया है।

बता दे कि बम कांड के मामले मे एसएसपी के निर्देश के आलोक मे टेक्निकल सेल की पुलिस काफी दिनों से मशक्कत कर रही थी ,और इसी का परिणाम था कि दोनो युवको को पुलिस पकड़कर थाने लाई थी और पूछताछ कर रही थी।

वहीं एसएसपी इस मामले को लेकर गंभीर थे कि आखिर नवनिर्मित भवन मे बम किसने रखा,कहीं कोई बड़ी योजना की साजिश तो नहीं थी।
बड़ी मशक्कत से टेक्निकल सेल की मेहनत रंग लाई थी। पुलिस ने दो संदिग्ध आरोपी को पुछताछ के लिये पकड़ा भी था। उसे थाना लाया गया था। पूछताछ भी की जा रही थी लेकिन पुलिस की लापरवाही के कारण दो बजे रात मे लाये गये दोनों युवक मौका पाते ही थाना के पीछे रूम के शौचालय घर का खिड़की तोड़ते हुये फरार हो गया।

पुलिस के कार्यशैली पर उठ रहें है सवाल 

पूछताछ मे लाये गये दोनों युवको के फरार होने के बाद पुलिस के कार्यशैली पर प्रश्न उठना लाजमी है।
दरअसल छोटकी एकमी स्थित अर्धनिर्मित मकान मे दो बम फूटने से इलाके मे सनसनी फैल गई थी । यह विस्फोट अली अहमद के पुत्र मों जावेद के नवनिर्मित घर मे हुई और कई जिंदा बम भी पुलिस ने बरामद किया था।