ठगी करने के है बहूत तरीके ,एक आसान तरीका यह भी ?शातिर का दिमाग है बच के रहिये ?वरना आप भी ठगी का हों जाएंगे शिकार।बड़े -बड़े अधिकारियों से संगत हों अथवा नहीं ,पर फोटो के सहारे हों जाते है बड़े बड़े कांड ?
दरभंगा /संजय कुमार राय
शातिरों के शातिराना दिमाग से बचना है तो जाग जाईये ,वरना आप भी इन शातिरों का शिकार हों सकते है। जी हम बात कर रहें है वैसे लोंगों का जो बड़े बड़े हाकिमों को एक गुलदस्ता भेंट कर फोटो खिंचवा लेते है और उस फोटो को फेसबुक और स्टेटस पर लगाकर इसके आड़ मे धोखाधड़ी करते है। अगर ऐसे एस्टेट्स वाले लोंगों से आपकी मुलाकात हों जाय तो सावधान हों जाईये वरना ठगी के शिकार हों सकते है।
उदाहरण के तौर पर एसएसपी ,एसपी ,डीएसपी ,थानेदार जब जिला मे योगदान करते है तो ऐसे लोग एक गुलदस्ता लेकर पहुंच जाते है हाकिमों के कार्यालय,,हाकिम से भेंट करते है,, और एक गुलदस्ता देकर उन्हें बधाई एवं शुभकामना देते है। ऐसे मे एसएसपी ,एसपी या अन्य पदाधिकारी गद गद। बस क्या है एक साथ खड़े हुये और एक सेल्फी या एक फोटो खींची जाती है। इन हाकिमों का भी सीना चौड़ा होता है कि कोई हमें गुलदस्ता देकर स्वागत किया है। हाकिम भी ऐसी गलती कर जाते है जैसे लगता है कि कोई ओहदेदार उन्हें गुलदस्ता दें रहा हों ?
ऐसे लोंगों का खेल यही से शुरू होता है।बड़े हाकिमों के साथ खींचे गये फोटो को ये शातिर डीएसपी या फिर दारोगा को दिखाकर यह बोलता है कि बड़े हाकिमों से मेरी अच्छी पहचान है। इस तरह अपने गांव कस्बों एवं कई जगह इन तस्वीरों को दिखाकर अपनी रुतबा दर्शाता है। धीरे धीरे उसका खेल शुरू होता है। कोई सिपाही ,दारोगा आदि पर एसएसपी /एसपी द्वारा कारवाई हुई तो साहब के नाम पर ये उगाही कर लेता है। आम लोंगों से पैरवी के नाम पर ठग लेता है ,कोई जरूरी काम दिखाकर पैसे उधार ले लेता है और वह पैसा निगल जाता है और यह सिलसिला चलते रहता है।
ऐसे कई व्यक्ति का मामला सामने आया है नाम है ,जिसने कई लोंगों को धोखे मे रखकर ठगी किया है।
भाई मिथिला है ,यहां का हर चीज मीठा है ,ऐसे लोग भी अपना दिमाग मीठेपन से ही लगाता है।
कई लोग ऐसे है जो ठगी का शिकार तो हुये है लेकिन शर्म से बोलते नहीं। उन्हें यह शर्म होता है आखिर हम पढ़ लिखकर इसके चंगुल मे कैसे फंस गये। एक इंस्पेक्टर साहब अपना नाम नहीं छापने के शर्त पर कहा कि हमसे तीस हजार रुपया ठग लिया गया अब पैसा मांगते है तो हमें पैसा ही नहीं देता है।उदाहरण के तौर पर छोटे भुट्टे नाटे एक व्यक्ति का तस्वीर सामने लाते है जिनके फोटो को गौर से देखिये जिसके फोटो कई पुलिस पदाधिकारियों के साथ है और इसी फोटो के सहारे ऐसे लोंगों की ठगी का दुकानदारी करता है। कभी कभी तो शक होता है कि पैसे उगाही करने के लिये कही बड़े बड़े अधिकारी दलाल तो नहीं रखते ?
गुलदस्ता देते हुये जिस शक्स को आप देख रहें है वह दिमागी तौर पर शातिर है अगर शातिर नहीं है तो फोटो खिंचाने के बाद इसे आम लोंगों के बीच सार्वजनिक करने की आखिर क्या जरूरत है। अगर पहचान के लिये ऐसा करता है तो वहीं तक सीमित रहना चाहिये।वैसे वरीय पुलिस पदाधिकारी को भी सोच समझकर फोटो खिंचाना चाहिये मगर यहां बात ही कुछ अलग है। वरीय पदाधिकारी ऐसे फोटो खिंचवा रहें है जैसे राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के साथ उनका फोटो खींचा जा रहा है।

साहब यह आपके लेवल का भी होता तो ठीक था ?

खैर यह आपकी कार्यशैली है लेकिन आपके इस खिचाये फोटो का शिकार कई लोग हों रहा है ?इस फोटो को देखिये और पहचानिये कौन है ?इस शक्स का नाम समेत इसकी जन्म कुंडली एक सप्ताह के भीतर आपके सामने लायेंगे कि ऐसे लोग कैसे ठगी कर लेता है।फोटो पहचानिये और हमें भी बताने का कष्ट करें ?
इस संबंध मे मुजफ्फर हसन ने कहा कि जिनसे हम पैसा लिये है वह मामा जी है और उनसे मेरा लेन देंन है।मुजफ्फर ने कहा कि हमने किसी से पैसा नहीं लिया है।सभी आरोप गलत है।
