अगर -मगर -डगर के तर्ज पर चल रहा है हजारी बाग जिले का बरही अनुमंडलीय अस्पताल?अस्पताल मे है कई झोल ?ईमानदार को ईमानदारी से काम नहीं करने देते डॉक्टर और कर्मी ?

हजारीबाग /एक संवाददाता 

हजारीबाग जिले के बरही अनुमंडल मे पड़ने वाले स्वास्थय केंद्रों मे चिकित्सक और कर्मियों की मनमानी चरम पर है। इसके कारण स्वास्थय व्यवस्था लाचार है। मजेदार बात यह है ईमानदारी से काम करने वाले चिकित्सक पर भ्रष्ट कर्मी और चिकित्सा पदाधिकारी ऐसे टूट पड़ते है जैसे जमीनी विवाद हों ,इससे भी मजेदार बात यह है कि कई पत्रकार इस भ्रष्ट व्यवस्था मे अपनी सहभागिता निभाकर बदले मे उगाही करते रहते  है ?
जी हम बात कर रहें बरही अनुमंडलीय अस्पताल के तहत संचालित हों रहें पद्मा स्वास्थय केन्द्र का ,जहां चिकित्सा प्रभारी नैनसी प्रिया स्वास्थय सेवा दें रही है। 19फरवरी 24को डॉ॰ नेन्सी प्रिया रोस्टर के हिसाब से पद्मा स्वास्थय केन्द्र पर पहुंची तो सभी स्वास्थय कर्मी गायब था ,इस कारण उन्होंने सबकी हाजरी काट दी ,इस दौरान कई मरीज स्वास्थय केन्द्र से वापस हों गये थे। इसी बात को देख डॉ॰ नेन्सी प्रिया रजिस्टर मे अनुपस्थित कर दी। इसका नतीजा यह निकला कि सभी डॉ॰ एवं कर्मी डॉ॰ नेन्सी के विरुद्ध अभियान शुरू कर दिया है और बताया जा रहा है कि इस अभियान के पीछे प्रभारी चिकित्सा प्रभारी की भूमिका अहम है इस कारण
सभी कर्मी और चिकित्सक एक जुट होकर डॉ॰ नेन्सी के विरुद्ध” प्लान” रचना शुरू कर दिया है।
सूत्रों की माने तो बरही स्थित अनुमंडलीय स्वास्थय केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी कई वर्षों से उक्त स्वास्थय केन्द्र पर जमे हुये है और इनके इशारे पर पूरे अनुमंडल का स्वास्थय केन्द्र चल रहा है। इनके विरुद्ध कोई भी चिकित्सा प्रभारी या कर्मी की क्या मजाल जो कुछ कर दें।
सूत्रों की माने तो कई ऐसे सरकारी योजनाएं है जिसमें बड़े पैमाने पर लूट खसोट हुई है ,ऐसे लूट खसोट मे सभी कर्मी /चिकित्सा प्रभारी की सहभागिता है और ऐसे लूट खसोट से डॉ॰ नेन्सी प्रिया कोसों दूर है। इस लूट खसोट मे डॉ॰ नेन्सी की  सहभागिता नहीं रहने के कारण प्रभारी चिकित्सा प्रभारी से लेकर कर्मी तक आँखें टेढ़ी रहती है ,इस कारण सभी की मंशा है कि किसी तरह नेन्सी प्रिया को पद्मा स्वास्थ्य केन्द्र से हटा दिया जाय जिसके लिये चक्रव्यूह रचा जा रहा है और पद्मा के जगह चरही अस्पताल कर दिया जाय।

यहां बता दें कि डॉ॰ नेन्सी प्रिया के पिता बरही अनुमंडलीय अस्पताल सहित पद्मा मे कई वर्षों तक ईमानदारी से प्रभारी चिकित्सा प्रभारी /चिकित्सा प्रभारी रहते हुये बेहतर कार्यों को अंजाम दें चुके है और आम लोंगों को अपनी सेवा दें चुके है इस कारण  लोग उन्हें भगवान का दर्जा देते है। इसी सहानुभूति को पाने के लिये उनकी पुत्री डॉ॰ नेन्सी प्रिया उक्त अस्पताल मे सेवा दें रही है लेकिन इस भ्रष्ट व्यवस्था से दूर रहने वाली डॉ॰ प्रिया के विरुद्ध अस्पताल कर्मी खंडयंत्र कर रहें है।

यहां बता दें कि बरही स्वास्थय केन्द्र के प्रभारी चिकित्सा प्रभारी के द्वारा पूर्व मे किये गये सभी सरकारी योजनाओं के पूरा होने पर लिये गये सरकारी राशि और उस कार्यों की समीक्षा प्रशासनिक स्तर के पदाधिकारियों द्वारा किया जाय तो बड़ा घोटाला उजागर हों सकता है ?

बरही अस्पताल मे आयें गरीब मरीजों का भी शोषण किया जाता है।अस्पताल मे आयें कई मरीजो की जांच भी प्रभारी चिकित्सा प्रभारी अपने निजी क्लीनिक मे कराकर नाजायज मुद्रा उगाही करते है। विगत दस वर्षों मे इनकी अकूत सम्पति दिखाई पड़ती है। इनके कार्यकाल की कुल सेलरी और अबतक के कुल सम्पतियों की इनकी जांच हों तो प्रभारी चिकित्सा प्रभारी की परत दर परत पोल खुलकर सामने आ जाएगा।

जिन कर्मियों के नाम के सामने हाजिरी काटी गई थी उनमें एनएचएम सीता देवी ,सरला गोस्वामी ,ज्योति कुमारी ,विरसमणि किन्डो ,आशा देवी एवं अर्जुन प्रजापति का नाम शामिल है।यहां बता दें कि कई महीनों से प्रभारी चिकित्सा प्रभारी के निर्देश पर वें खुद व अन्य डॉ॰ नेन्सी प्रिया को मानसिक प्रताड़ना दें रहें है और इसी मानसिक प्रताड़ना से कुछ माह पहले उनकी दुर्घटना हुई जिसमें वह बाल बाल बच गये थे।

अर्जुन प्रजापति को प्रत्येक दिन छूटी चाहिये इसके लिये वह दबाव बनाता है ,छुट्टी नहीं मिलने पर अस्पताल पर रहते कोई काम नहीं करता है और एक घंटा डयूटी कर अस्पताल से गायब हों जाता है।कई स्वास्थय कर्मी ऐसे है जिसे जब मन हों आता है और जाता है और उन पर कारवाई होने से सभी एक जुट होकर चक्रव्यूह रचते है ॥डॉ॰ नेन्सी को कभी बरही तो कभी पद्मा भेंज दिया जाता है।