सदर थाना क्षेत्र के मुरिया मे सरस्वती प्रतिमा के विसर्जन के दौरान हुई रोड़ेबाजी मे पुलिस की बड़ी कारवाई ,एक दर्जन से ज्यादा लोग पुलिस हिरासत मे ,सत्यापन के बाद की जाएगी  कारवाई।

दरभंगा /संजय कुमार राय 

सदर थाना क्षेत्र के भालपट्टी ओपी अंतर्गत मुरिया मे सरस्वती पूजा के विसर्जन के दौरान हुई रोड़ेबाजी मे दोनों पक्षों के करीब डेढ़ सो लोंगों पर प्राथमिकी दर्ज किये जानें की चर्चा है।पुलिस ने करीब डेढ़ दर्जन उपद्रवियों को हिरासत मे लिया है लेकिन पुलिस सत्यापन करने मे जुटी है कि इसमें दोषी कौन कौन है ?पुलिस वैसे दोषियों को ही चिन्हित कर आगे की कारवाई करेगी।

डीएम और एसएसपी की यह कतई मंशा नहीं है कि निर्दोष लोंगों पर कारवाई हों ,उनकी मंशा सिर्फ दोषियों पर कारवाई की है ,इस कारण भालपट्टी ओपी की पुलिस हिरासत मे लिये गये सभी के विरुद्ध ठोस साक्ष्य के आधार पर ही आगे की कारवाई मे जुटी है।

सदर थाना क्षेत्र अंतर्गत भालपट्टी ओपी के मुरिया मे सरस्वती प्रतिमा के विसर्जन के दौरान हुई रोड़ेबाजी मे पहचान किये गये उपद्रवियों एवं अज्ञात 150लोंगों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं मे प्राथमिकी दर्ज कर रही है।सहायक तकनीकी प्रबंधक आत्मा के ब्यान पर पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कारवाई करेगी क्यूंकि मजिस्ट्रेट डयूटी मे वे तैनात थे एवं घटना के समय विडिओ ,फोटोग्राफी की जा रही थी।उन्होंने इस बाबत भालपट्टी ओपी प्रभारी को आवेदन देकर आगे की कारवाई के लिये अनुरोध किया है।

दिये आवेदन मे कहा गया है कि वें मजिस्ट्रेट डयूटी मे पुअनि प्रमोद कुमार सिंह एवं बल के साथ खड़े थे। उन्होंने कहा है कि शाम पांच बजे के करीब टाली गुमटी एवं मुरिया मे स्थापित सरस्वती पूजा की मूर्ती विसर्जन के लिये निकला तो जुलूस हाट गाछी से वापस होकर विसर्जन के लिये जीवछ घाट के लिये जाना था। इसी बीच एक पक्ष के लोग विसर्जन जुलूस पर रोड़ेबाजी पत्थरबाजी करने लगे। इसकी सूचना तुरंत वरीय पदाधिकारियों को दी गई। वरीय सभी पदाधिकारी दल बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर समझाने बुझाने का प्रयास किया। बीच -बचाव करने के दौरान दो तीन पुलिस कर्मियों को चोटें आई और कई अन्य को भी चोट लगी।

यहां बता दें कि डीएम और एसएसपी ससमय घटना स्थल पर नहीं पहुंचते और भारी बलों की संख्या को तैनात नहीं करते तो बड़ी घटना से इंकार नहीं किया जा सकता था।

इस घटना के बाद पहुंचे डीएम एसएसपी के पहल पर मूर्ती का विसर्जन किया गया और मामला शांत हुआ।

इस घटना के समय कई घरों की तोड़फोड़ हुई है।कई दुकान लूटने की भी चर्चा स्थानीय ग्रामीण कर रहें है।कई गाड़ियों को भी तोड़ा गया है।इसे लेकर भी कई ग्रामीण थाना मे आवेदन दें सकते है।