डीजीपी के ब्यान के आलोक मे नहीं हुई कारवाई ,स्थानांतरित पति -पत्नी पुलिसकर्मियों/पदाधिकारियों  को हों रही परेशानी ?जिला मे दिये आवेदन पर कई जिला के एसपी ने नहीं की कोई कारवाई।

दरभंगा /संजय कुमार राय 

कौन सुनेगा ,किसको सुनाऊँ इसीलिये चुप रहते है ,यह गाना काफी चर्चित था लेकिन इन दिनों यह गाना नये जगहों पर पदस्थापित पुलिसकर्मियों पर सटीक बैठता है।

बिहार के पुलिस विभाग के उच्च्स्थ कुर्सी पर विराजमान डीजीपी के ब्यान के बाद पुलिस विभाग मे तैनात महिला  पुलिस कर्मियों /महिला पुलिस पदाधिकारियों का मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं हों रहा है इस कारण महिला पुलिस कर्मियों मे खासे नाराजगी है लेकिन वरीय पुलिस पदाधिकारियों के सामने उनकी हैसियत ही क्या है।जी हाँ ,

डीजीपी आरएस भट्टी का ब्यान हवा हवाई होने से कई पुलिसकर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हें।डीजीपी द्वारा संस्मरण दिवस पर दिये गये ब्यान के बाद पुलिसकर्मियों /पदाधिकारियों के बीच खुशी का माहोल था लेकिन यह बातें जमीन पर नहीं उतर पायी। डीजीपी आर एस भट्टी ने कहा था कि आवासन योजना के तहत अब पति -पत्नी अपने परिवार और बच्चों के साथ एक स्थान पर रह सकेंगे साथ ही ट्रांसफर और पोस्टिंग की नीति मे बदलाव किया जा रहा हें। लेकिन पुलिसकर्मियों का ट्रांसफर भी हों गया और पोस्टिंग भी हों गई , पति -पत्नी एक दूसरे से अलग भी हों गये , कोई राज्य के एक छोर मे तो दूसरा दूसरे छोर मे योगदान देकर सरकारी आदेश का पालन तो कर लिया लेकिन इनके बच्चे कहाँ जाय ?अभी भी कई पुलिसकर्मियों के बच्चे पूर्व के जिला मे हें और माँ बाप नदारत हें।इन सभी के बच्चों की पढ़ाई लिखाई भी मुश्किल मे है।

बिहार पुलिस मुख्यालय ने यह भी आदेश दिया था कि ऐसे पति -पत्नी को अगर अलग अलग जिला मे पोस्टिंग हों गई हें तो 16फरवरी तक अपना आवेदन एसपी के माध्यम से पुलिस मुख्यालय भेजे ऐसे आवेदनों पर सरकार विचार करेगी।
बिहार का कोई ही ऐसा जिला बचा हें जहां पीड़ित पुलिसकर्मी /पदाधिकारी एसपी को आवेदन नहीं दिया हों ?लेकिन ऐसे आवेदनों को एसपी द्वारा पुलिस मुख्यालय को अग्रसारित नहीं किया गया हें ऐसे मे स्थानांतरित /पदस्थापित पुलिसकर्मियों के आवेदन पर आखिर कौन विचार करेगा ?पत्नी मोतिहारी तो पति गोपालगंज मे हें। किसी का पति समस्तीपुर मे हें तो पत्नी पटना मे। ऐसे मे इन पुलिसकर्मियों /पदाधिकारियों से बेहतर पुलिसिंग का सोच रखना भी बेईमानी हें। यही नहीं इन्हें अपने अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर समस्या उत्पन्न हों गयी हें। अपने परिवार के साथ रहना इन्हें मुश्किल हों गया हें। पुलिस मुख्यालय को ऐसे पुलिस पदाधिकारियों की समस्या पर विचार चाहिये ?

अब स्थानांतरित हुये पुलिसकर्मी /पदाधिकारी के आवेदन का अंतिम दिन है।इनके आवेदनों को किसी भी एसपी ने मुख्यालय को अग्रसारित नहीं किया ,ऐसे मे ये पुलिसकर्मी अपनी समस्या कहाँ रखेंगे ,क्यूंकि पुलिस मुख्यालय का यह भी निर्देश कि पुलिस मुख्यालय मे सीधे कोई पुलिसकर्मी /पदाधिकारी आवेदन भेजता है तो उन आवेदनों पर सुनवाई नहीं होगी उन्हें समुचित माध्यम से ही आवेदन देना है।