अरसे बाद दरभंगा मे दिखने लगी पुलिसिंग ,वन वें व्यवस्था को मूर्त रूप देने पर ही जाम की समस्या से मिलेगा छुटकारा ,एसएसपी के निर्देश पर यातायात पुलिस की बेहतर कार्यशैली से शहरवासी खुश।
अरसे बाद दरभंगा मे दिखने लगी पुलिसिंग ,वन वें व्यवस्था को मूर्त रूप देने पर ही जाम की समस्या से मिलेगा छुटकारा ,एसएसपी के निर्देश पर यातायात पुलिस की बेहतर कार्यशैली से शहरवासी खुश।
अरसे बाद दरभंगा मे दिखने लगी पुलिसिंग ,वन वें व्यवस्था को मूर्त रूप देने पर ही जाम की समस्या से मिलेगा छुटकारा ,एसएसपी के निर्देश पर यातायात पुलिस की बेहतर कार्यशैली से शहरवासी खुश।
दरभंगा /संजय कुमार राय
दरभंगा जिला मे नये वरीय पुलिस पदाधिकारियों के योगदान के फिलहाल पुलिसिया कार्यशैली मे बदलाव सा दिख रहा हैं।अरसे बाद दरभंगा मे पुलिस का रुतबा दिखाई पर रहा हैं ,ऐसा लग रहा हैं कि पुलिसिंग हो रही हैं।
इसमें डीआईजी के पद पर योगदान के बाद ही ट्रेफिक व्यवस्था मे सुधार दिखने लगा वजह साफ था कि उनके तल्ख तेवर। लेकिन इसी बीच नये एसएसपी के योगदान के बाद ट्रेफिक व्यवस्था मे काफी सुधार होने लगा हैं। यातायात प्रभारी कभी जेसीबी लेकर अतिक्रमित सड़क को खाली कराते दिख रहें हैं तो कभी अपनी गाड़ियों से आवाज देते दिखाई देते हैं। यातायात प्रभारी कहते हैं कि सड़कों पर लगे दुकान को हटाए वरना कारवाई होगी। यह कहते हुये भी नजर आते हैं कि चार चक्का गाड़ी वाले चालक शीट बेल्ट लगाये। मोटरसाइकिल चालक हेलमेट लगाकर चले वरना कारवाई हो सकती हैं। इसका कुछ कुछ असर दिखाई भी पड़ने लगा हैं।लेकिन इसे यातायात व्यवस्था चुस्त दुरुस्त करने के लिये पुलिस को और भी मशक्कत करनी पड़ेगी।
वर्तमान डीएम ने कुछ माह पहले ही निर्देश दिया था कि समाहरणालय स्थित सड़क किनारे दीवाल एवं कोर्ट केम्पस के दीवाल के सामने कोई भी दो पहिया एवं चार पहिया वाहन खड़ी नहीं करें बावजूद इसके कई लोग मोटरसाइकिल एवं चार चक्का वाहन खड़ी कर देते हैं। इस इलाके को “नो पार्किंग “जोन घोषित किया गया था।बावजूद इसके सड़क के दोनों किनारे लोग मोटरसाइकिल लगा देते हैं।कई बार यातायात पुलिस ऐसे लगी वाहनों को क्रेन से उठाकर थाना ले गई ,जुर्माना ठोका।लेकिन पुलिस की सुस्ती के कारण यहां फिर वहीं हालात हैं।
यही नहीं सड़क किनारे इन दिनों जहां तहां ठेला खड़ी कर दुकान लगा दिया जाता हैं जब्कि इस ठेले के ठहराव के लिये पूर्व मे जगह चिन्हित किया गया था। पोलो मैदान के सामने जेल कोने के तरफ से सब्जी ठेला या सब्जी या फल वाले को दुकान लगाने के लिये जगह चिन्हित किया गया था लेकिन ये सभी यत्र तत्र ठेला लगा देते हैं इसके कारण सड़के संकीर्ण हो जाती हैं और जाम की समस्या उत्पन्न होती हैं। अगर किसी दिन कोई दुर्घटना हुई तो यही लोग पुलिस के लिये मुसीबत हो जाएंगे। बड़ी घटना भी घट सकती हैं। हजमा चौराहे पर एक डेढ़ दशक पहले ऐसी घटना घट चुकी हैं। ट्रक जला दिया गया ,पुलिस पर भारी रोड़ेबाजी हुई। पुलिस को कई राउंड फायरिंग कर लोंगों को हटाना पड़ा था उस वक्त पुलिस को काफी मस्श्क्क्त करनी पड़ी थी। दरभंगा टावर चौक का नजारा तो कुछ अजीब सा हो गया हैं। चारों तरफ ठेला और ठेला पर सजी दुकानों से लोग परेशान हैं। पेदल जानें आने मे भी लोंगों को परेशानी होती हैं ,ऐसे मे जिला पुलिस के मदद मे जिला प्रशासन या नगर निगम के प्रशासक जब तक सक्रिय नहीं होते हैं तब तक इस भीड़ को हटाना टेढ़ी खीर हैं।
एसएसपी ने स्पष्ट रूप से यातायात प्रभारी को निर्देश दिया हैं कि वन वें व्यवस्था शत प्रतिशत लागू करें ताकि जाम की समस्या से लोंगों को छुटकारा मिलें।
एसएसपी के निर्देश के आलोक मे यातायात प्रभारी ने लोंगों से भी अपील की हैं कि सड़क जाम नहीं हो इसके लिये यातायात नियमों का कोई भी व्यक्ति उलंघन नहीं करें। सड़कों पर जहां तहां गाड़ी नहीं लगाये।