दरभंगा शहर के वीरान सड़कों पर देर रात नहीं दिखी कही भी थाना पुलिस की गाड़ी ,डायल 112की दो गाड़िया बजा रही थी डयूटी।
दरभंगा /संजय कुमार राय
दरभंगा शहर के विरान मुख्य सड़कों पर पुलिसिया व्यवस्था चुस्त दुरुस्त दिखाई नहीं पड़ने से पुलिसिया कार्यशैली पर प्रश्न उठना लाजमी हैं कही ऐसा तो नहीं कि कई थानाध्यक्षों के विरमित हो जानें के कारण ऐसा दिखाई पड़ रहा हो।
गुरुवार की रात्रि करीब 11बजकर 10मिनट मे इस पत्रकार ने शहर के बीचोंबीच पड़ने वाले थाना /ओपी के सामने सड़कों पर भ्रमण किया।
इस दौरान रात्रि के 11बजकर 12मिनट मे विश्वविद्यालय थाना पहुंचे। बाहर से देखने पर थाना एकदम सुनसान लग रहा था। कई बार थाना केम्पस मे घूमकर इधर उधर गये लेकिन कोई दिखाई नहीं पड़ा फिर थोड़ा अंदर जानें पर देखें कि कोई खड़ा हैं। मैंने उनसे सवाल किया कि आप कौन हैं ?उन्होंने जवाब दिया मे संतरी हूँ। मैंने कहा कि थाना केम्पस मे जब हम घुसे तो आपने आवाज क्यू नहीं दिया ,यह आपकी डयूटी हैं।

इसी बीच एक और पुलिस पदाधिकारी निकलकर आयें ,मैंने पूछा सर आप कौन हैं उन्होंने जवाब दिया कि मे ओडी डयूटी मे हूँ ?मेरा सवाल उनसे था कि गश्ती की गाड़ी निकली हैं ?उन्होंने जवाब दिया कि हाँ।

फिर मे कोतवाली ओपी आया ,देखा कि यहां भी वहीं हालात हैं ,ओपी के बरामदे पर कोई भी संतरी खड़ा नहीं था ,हल्ला करने पर भी कोई बाहर नहीं निकला ?उस वक्त नगर निगम की गाड़ी कचरा उठा रही थी और कोतवाली ओपी के सामने कई ट्रक लग गये थे। फिर मैं वहां से दोनार चौक आया। चौराहे से गाड़िया गुजर रही थी लेकिन इस बीच कोई भी पुलिस की गाड़ी या कोई पुलिस रास्ते पर नहीं दिखी हाँ वहां से डायल 112की गाड़िया जरूर गुजरी।दोनार चौक से बेता थाना आया ,सड़क से देखा तो थाने मे कोई दिखाई नहीं दिया। फिर मे थाने के पास गया तो कोई दिखाई नहीं पड़ा। मे वहां से लौट गया। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के जी एन गंज मे डायल 112की गाड़िया भी खड़ी देखी।
शहर के इतने हिस्सों मे कोई भी पुलिस की गाड़िया रात मे नहीं दिखी। हाँ ऐसा हो सकता हैं कि रात्रि गश्ती की पुलिस गाड़ी मुहल्ले मे घूम रही हो ?मैं किसी मुहल्ले मे गया नहीं ,हाँ बीच शहर के सड़कों का मुआयना जरूर कर रहा था।दरअसल एक बर्थडे पार्टी से लौटने के क्रम मे यह जानकारी लेने का मौका मिल गया।
