दरभंगा महाराज के खजाने से करोड़ों रुपये मूल्य के आभूषणों की चोरी से सन्न हैं राज परिवार के वारिस ,पुलिस की कारवाई से एक किलो छः सो ग्राम गला सोना और चांदी बरामद ,तीन गिरफ्तार।
दरभंगा /संजय कुमार राय
दरभंगा राज परिवार के करोड़ों रुपये मूल्य के आभूषणों को बेंक के लॉकर से निकालकर बेच दिये जानें का मामला प्रकाश मे आया हैं।बताया जा रहा हैं कि लहेरियासराय स्थित स्टेट बेंक मे 108मंदिरों के कीमती जेवरात थे ,जिसे देख रेख करने के बजाय उसे धीरे धीरे फर्जी तरीके से निकालकर बेच दिया हैं।इसे लेकर राज परिवार के वारिस कपिलेश्वर सिंह ने थाने मे आवेदन दिया हैं।यह मामला प्रकाश मे तब आया जब दरभंगा महाराज के पोते कपिलेश्वर सिंह को इसकी जानकारी मिली और उन्होंने इस मामले की लिखित शिकायत विश्वविद्यालय थाना से की।
तीन आरोपी गिरफ्तार
सूचना मिलते ही पुलिस हरकत मे आयी और तीन लोंगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार हुये लोंगों मे मधुबनी जिला के मंगरोंनी निवासी उदय नाथ झा उर्फ विष्णु झा ,ट्रस्ट के प्रबंधक केदार नाथ मिश्रा एवं लहेरियासराय स्थित आभूषण दुकानदार शत्रुघ्न प्रसाद शामिल हैं।
पुलिस के द्वारा की गई छापेमारी मे गला हुआ सोना चांदी बरामद
पुलिस ने तुरंत कारवाई करते हुये आभूषण दुकानदार के यहां छापा मारा और एक किलो छः सो ग्राम गला हुआ सोना और करीब तीस किलो चांदी बरामद कर लिया हैं।इस मामले मे गिरफ्तार तीनों से पुलिस बारीकी से पुलिस पूछताछ कर रही हैं।शुद्ध सोने और चांदी के आभूषण को खरीदने वाले दुकानदार सहित तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।मात्र एक घंटे के अंदर पुलिस ने पूरी कार्रवाई कर ली यही नहीं पुलिस ने मंदिरों के सोना और चांदी से बने आभूषणों को बेचने वाले और खरीदने वाले को दबोच लिया ।
कई करोड़ के आभूषणों को कर दिया गोलमाल
बताया जा रहा है कि यह आभूषण कई करोड़ रुपये का था जिसे अनाधिकृत रूप से निकासी कर बेच दिया गया ? इस गलत कारनामे मे और भी सफेदपोश लोंगों की संलिप्तता शामिल हो सकती है?लेकिन पुलिस को बारीकी से जांच करनी पड़ेगी। बताया जा रहा हैं कि गिरफ्तार तीनों लोंगों से सदर एसडीपीओ अमित कुमार सघन रूप से पूछताछ कर रहें हैं।
महारानी के रिश्तेदार विष्णु झा ने रखा अपना पक्ष
इस क्रम में गिरफ्तार महारानी काम सुंदरी के नजदीक के रिश्तेदार उदयनाथ झा उर्फ विष्णु झा ने खुद को निर्दोष बताते हुये कहा हैं कि ना तो अनाधिकृत रूप से आभूषण निकाला है और ना ही उसे बेचा है।विष्णु ने कहा कि ट्रस्ट की और से उसे पावर आफ अटर्नी बना हुआ हैं इसी के तहत उसने यह काम किया हैं।
स्वर्णकार ने अपनी बात भी पुलिस के सामने रख बताया अपना राज ?
उधर, गिरफ्तार ज्वेलर शत्रुघ्न प्रसाद ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि उसका संबंध उदयनाथ झा उर्फ विष्णु के साथ बहुत पुराना है।शत्रुघ्न ने बताया कि विष्णु झा ने आभूषण दिया था जिसे गलाकर उचित मूल्य लगाया गया। उसने बताया कि सोने और चांदी को गलाकर उसका मूल्य अट्ठासी लाख आंका गया था। स्वर्णकार ने बताया कि इस सोने और चांदी को लेकर विष्णु झा से कागजातों की मांग की गई थी लेकिन उसके द्वारा कागजात अबतक उपलब्ध नहीं कराया गया। इस कारण वह सोने और चांदी का भुगतान नहीं किया था हालांकि कागज मिलते ही वह चेक दें देता। स्वर्णकार शत्रुध्न ने पुलिस को बताया कि उसका चेक तैयार था इसी बीच पुलिस ने उसे पकड़ लिया हैं।
कुमार कपिलेश्वर ने कहा कि राज परिवार के सम्पति का हैं बड़ा घोटाला
इधर दरभंगा महाराज के पौत्र कुमार कपिलेश्वर सिंह का कहना हैं कि उन्हें इस बात की भनक अयोध्या मे लगी थी जब वे रामलला के प्राण प्रतिष्ठा मे निमंत्रण पर गये हुये थे। उन्होंने सभी लोंगों को सार्वजनिक रूप से कहा कि राज परिवार द्वारा बनायें गये 108मंदिरों के जेवरात थे यह कोई राज परिवार की सम्पति नहीं बल्कि आम लोंगों की सम्पति हैं और इसपर सभी लोंगों का अधिकार हैं अतः इस मामले मे दोषी सभी पर कारवाई होनी चाहिये। उन्होंने कहते हुये यह भी कह दिया कि इस मामले को सीबीआई या आर्थिक अपराध इकाई से जांच होनी चाहिये ताकि मामला परत दर परत खुल सके।उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के मेनेजर उदय कान्त झा एवं विष्णु झा के तालमेल मे इस खजाने की लूट हुई हैं ,उन्होंने कहा कि इस ट्रस्ट की ट्रस्टी उनकी दादी हैं फिर बिना किसी हस्ताक्षर के बेंक से जेवरात निकाल लिये गये।
