स्वतंत्रता के लिये अपना सर्वस्व त्याग करने वाले भारत माता के सपूत नेताजी सुभाषचंद्र की मनाई गई जयंती ,बार एसोसियेशन भवन मे सेंकड़ों अधिवक्ताओं ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया नमन।
स्वतंत्रता के लिये अपना सर्वस्व त्याग करने वाले भारत माता के सपूत नेताजी सुभाषचंद्र की मनाई गई जयंती ,बार एसोसियेशन भवन मे सेंकड़ों अधिवक्ताओं ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया नमन।
स्वतंत्रता के लिये अपना सर्वस्व त्याग करने वाले भारत माता के सपूत नेताजी सुभाषचंद्र की मनाई गई जयंती ,बार एसोसियेशन भवन मे सेंकड़ों अधिवक्ताओं ने उनके तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया नमन।
विधि संवाददाता /दरभंगा
बार एसोसिएशन भवन दरभंगा में मंगलवार को नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती मनाई गई।जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता अधिवक्ता विजयनारायण चौधरी और रमणजी चौधरी ने संयुक्तरुप से किया।
इस मौके पर अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व त्याग करने वाले भारत मां के सपूत सुभाषचंद्र बोस का जन्म तत्कालीन बंगाल प्रेसिडेंसी के कटक में आज हीं के दिन 23 जनवरी 1897 ई. को हुई थी।वे देश को गुलामी से मुक्ति दिलाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व में देश के स्वाधीनता आन्दोलन में सक्रिय हो गये।आजादी के लिए संघर्ष कर रही कांग्रेस के वे बर्ष 1938 में अध्यक्ष बने।वे आजाद हिन्द फौज का नेतृत्व किये। उनका चर्चित नारा था”तुम मुझे खून दो,मैं तुम्हें आजादी दूंगा”।नेताजी के पिता जानकीनाथ बोस कटक के एक प्रसिद्ध अधिवक्ता थे।देश की आजादी के लिए जीवन भर संघर्षशील रहे ।जयंती कार्यक्रम के अवसर पर अधिवक्ता श्याम बिहारी राय सरस, कमलाकांत झा,रामवृक्ष सहनी,कुमार उत्तम,हिरानंद मिश्र,संपूर्णानंद झा,ब्रजेश कुमार चौधरी,संजय कुमार,अजय सिंह,रामशंकर चौधरी,प्रदीप कुमार, अधिवक्ता लिपिक विनय कुमार झा समेत दर्जनों वकीलों ने नेताजी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया।