अयोध्या की नगरी मे मिथिला के चर्चित राजघराने के वंशजों ने दी दस्तक ,प्रधानमंत्री समेत कई नेता ,अभिनेता की मौजूदगी ने रामलला के प्राण प्रतिष्ठा मे लगाया चार चाँद ,गायकों ने भी बांधा समां ,दिवाली के तरह जगमगा उठा पूरा देश।
दरभंगा /संजय कुमार राय
उत्तर प्रदेश की अयोध्या नगरी ,22फरवरी वर्ष 2024का दिन अपने सुनहरे अक्षरों को सिमट लिया और ऐतिहासिक दिन बन गया। कई लाई -लपेट ,कई विरोधाभास के बीच यह दिन अपने आपको चंदा के अंधेरी रातों के बीच दिये की खुशबू से जगमगा रहा था। देश का कोई कोना नहीं जहां मंदिरों मे दिये नहीं जले हो ,भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा के बाद मानो पूरा देश नाच रहा हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम मे उपस्थिति दर्ज के बाद ही पूरा देश जय श्री राम के नारे लगा रहा था। सनातियो का सीना चौड़ा हो रहा था। इस दिन का देशवासी वर्षों से इंतजार कर रहें थे। गायकों ने भी अपने गाने से पूरे देश मे समा बांधा। मजेदार बात यह था कि कई क्षेत्र के गायकों ने भगवान राम के नाम पर अपने अपने तरीकों से गाने गाये और सभी गाने लोंगों के धड़कन बन चुके थे।मिथिला की बेटी मैथिली ठाकुर ने भी अयोध्या नगरी मे अपने भक्तिमय गाने से लोंगों का दिल जीत लिया।
अयोध्या की इस पावन धरती पर निमंत्रण मे पहुंचे कई दिग्गजों के सामने मिथिला भी नीचे पायदान पर नहीं था। मैया सीता की और से भी मिथिला के दिग्गज वहां दस्तक दें रहें थे। इन दिग्गजों मे दरभंगा राज घराने से कुमार कपिलेश्वर अयोध्या मे अपने पूरे परिवार के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराइ और लोंगों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि वैदेही के यहां से भी राम के स्वागत मे लोग आयें हुये हैं। कुमार कपिलेश्वर ने अपने राज घराने के परंपरा को कायम रखते हुये श्री राम के चरणों मे भेंट स्वरूप सोने का मुकुट ,चांदी का चरण पादुका ,तीर धनुष एवं राज परिवार का प्रतीक चिन्ह दिया। मिथिलांचल से एक मात्र यही थे जिन्हें राम लला के प्राण प्रतिष्ठा मे न्योता मिला था हालांकि इस दृश्य को आंखों मे संजोये कई राजनेता,कई अभिनेता ,कई अभिनेत्री एवं मिथिलवासी अयोध्या गये थे।

वहीं दूसरी और मिथिला का कोई गांव नहीं ,शहर की कोई गालिया नहीं जहां मंदिरों मे एवं लोंगों के घरों मे दीप नहीं जलाई गई हो। लोग खुशी से पटाखे फोड़ रहें थे तो कई युवक राम के भक्ति मे डूबे रहें। घरों पर जल रहें दिये मानो लग रहा था कि दिवाली मना रहें हैं। कही भक्ति के कार्यक्रम तो कही रामायण का पाठ तो कही खुशी से लोग नाच रहें थे। लोंगों के मन मे यह प्रश्न सदियों से गूंज रहें थे कि अयोध्या मे श्री राम का जन्म स्थान हैं तो उनका मंदिर क्यू नहीं हैं?यह सवाल कई वर्षों से लोंगों के जेहन मे था ?
वर्षों वर्ष से लोग इंतजार मे थे। कई पीढ़िया गुजर गई लेकिन लोग आस लगाये हुये थे कि आखिर मंदिर कब बनेगा। आखिरकार देश के सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आया और सरकार ने इस मंदिर को बनाने मे अपनी पूरी ताकत झोंक दी और 22फरवरी 24को श्री राम का प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम भी बड़े धूम धाम से हो गया और इस पहल से पूरा देश गद गद हो गया।इस कार्यक्रम को लेकर विमानन कंपनिया भी लोंगों को अयोध्या जानें के लिये मिथिलावासियों को सहूलियत दी। कई ट्रेन भी अयोध्या जानें के लिये यात्रियों को सुविधा दी। कहा जाय तो जिस क्षेत्र से भी लोंगों को अयोध्या जानें के लिये सहूलियत दी जा सकती थी उस क्षेत्र से आम लोंगों का मदद मिला।
बिरौल थाना क्षेत्र के पोखराम गांव के युवकों ने 51हजार दिये जलाकर अपने विशालकाय गांव वाले को चकित कर दिया।कई स्थानीय दिग्गज यहां भी दीपोंउत्सव मनाने पहुंचे थे।समाजसेवी प्रियंका झा ने कहा कि यह क्षण विभोर करने वाला क्षण हैं ?प्रियंका ने कहा कि मैया सीता का मंदिर पुरोरा गांव मे बनने के बाद अयोध्या और मिथिला का संबंध एक बार फिर से नया रूप लेगा ,और सियाराम का गूंज भारतवर्ष मे सुनाई देगा।
