दरभंगा /विधि संवाददाता

बार एसोसिएशन भवन दरभंगा में गुरुवार को वकिलों ने निर्भिक पत्रकार सह प्रखर स्वतंत्रता सेनानी गणेशशंकर विद्यार्थी की 133 वीं जयंती मनाई। इस अवसर पर वकीलों ने विद्यार्थी जी के तैल चित्र पर पुष्पांजलि कर नमन किया ।अधिवक्ता संघ के संयुक्त सचिव अधिवक्ता शिवशंकर झा ने जयंती कार्यक्रम की अध्यक्षता की। स्वर्गीय विद्यार्थी की जयंती समारोह के मौके पर अधिवक्ता अरुण कुमार चौधरी ने कहा कि विद्यार्थी जी ने अपनी धारदार लेखनी को आजादी की लड़ाई में हथियार बनाकर राष्ट्र की सेवा की।वे भारतीय पत्रकारिता के पुरोधा थे।जिन्होंने स्वतंत्रता आन्दोलन में किसानों की आवाज बुलंद किया।उन्होंने पत्रकारिता को माध्यम बना अपनी लेखनी से राष्ट्रवादियों को उत्प्रेरित किया।उनकी लोकप्रियता का अन्दाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक खबर का प्रकाशन को लेकर विद्यार्थी जी पर मानहानि का मुकदमा किया गया,तो उनके चाहने वालों ने हीं उनका मुकदमा लड़ा।वे हिन्दी पत्रकारिता के शिखरपुरुष थे।वर्ष 1989 से हिन्दी पत्रकारिता और रचना के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए गणेशशंकर विद्यार्थी पुरस्कार प्रदान किया जाता है। 26 अक्टूबर 1890 को इनका जन्म हुआ था। इन्होंने “प्रताप” नामक हिन्दी पत्रिका के संपादक के रुप में पत्रकारिता कि मिशाल पेश किया ।मौके पर अधिवक्ता रामवृक्ष सहनी,मायाशंकर चौधरी,अजय कुमार मिश्र,कुमार उत्तम,नरेश कुमार झा,संतोष कुमार सिन्हा,संजीव कुमार,अमरनाथ मंडल,किरण कुमारी, समेत दर्जनों अधिवक्ताओं और अधिवक्ता लिपिक संघ के विनय कुमार झा ने विद्यार्थी जी के तैल चित्र पर पुष्प निवेदित कर संस्मरण साझा की।