बिरौल के सहसराम में चमेली देवी हत्याकांड का सनसनीखेज का खुलासा में जुटी पुलिस, जताई बड़ी आशंका, रूपए चोरी दौरान पहचान छिपाने की बन सकती है वजह

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।


दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र अंतर्गत सहसराम गांव में हुए चमेली देवी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तफ्तीश तेज कर दी है और वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया जा रहा है। हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस महकमा पूरी तरह सक्रिय हो गया है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड की विशेष टीमों ने पहुंचकर एक-एक बिंदु की बारीकी से जांच की। टीमों ने मौके से कई आवश्यक सामग्री और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित किए हैं, जिससे अपराधियों तक पहुंचने में मदद मिलने की पूरी उम्मीद है। साक्षी कुमारी एसपी (ग्रामीण) ने घटना स्थल का बारीकी जायजा लिया और मौके पर मौजूद एसडीपीओ और थानाध्यक्ष को आवश्यक निर्देश दिए। इधर कागजी प्रक्रिया पूरी कर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया। मामले को लेकर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने इस निर्मम हत्या कांड को चुनौती के रूप में लेते हुए बताया कि पुलिस प्रथम दृष्टया इसे चोरी और पहचान छिपाने से जुड़ा मामला मान रही है। उन्होंने बताया कि “चमेली देवी ने पिछले दिन ही घर के आवश्यक कार्य के लिए बैंक से रुपयों की निकासी की थी। आशंका जताई जा रही है कि बदमाश उन्हीं रुपयों की चोरी करने के दौरान घर में घुसे होंगे। आहट मिलने पर चमेली देवी ने बदमाश को पहचान लिया होगा, जिसके बाद अपराधियों ने अपनी साख और पहचान छिपाने के लिए चाकू से गर्दन पर वार कर उनकी निर्मम हत्या कर दी। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि पुलिस सिर्फ एक एंगल पर काम नहीं कर रही है। बैंक निकासी और चोरी के अलावा, रंजिश या अन्य संभावित कारणों से जुड़े तमाम अन्य बिंदुओं पर भी पुलिस गहराई से तफ्तीश कर रही है। स्थानीय लोगों से पूछताछ जारी है और संदिग्धों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पुलिस ने जल्द ही इस हत्याकांड का पूर्ण खुलासा कर अपराधियों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया है।