दरभंगा: नाबालिग से दुष्कर्म व अपहरण मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 4 घंटे में 2 आरोपी गिरफ्तार, 1 किशोर निरुद्ध,जांच में प्रेम प्रसंग और रिस्तेदारी का मामला आया सामने

दस्तक 7 मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

दरभंगा जिले के बिरौल थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के साथ हुए अपहरण, दुष्कर्म और परिजनों के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवेदन मिलने के महज 4 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और एक मोबाइल भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।

दरभंगा पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बिरौल थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की का अपहरण, बलात्कार और पीड़िता के परिजनों के साथ मारपीट करने का मामला प्रकाश में आया था। पीड़िता के परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर बिरौल थाना में कांड संख्या-681/2026 (दिनांक 25.09.2026) दर्ज किया गया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 96, 64, 352, 351(2), 3(5) एवं 4/6 पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी अभियुक्त, उसके सहयोगी तथा अभियुक्त के पिता को मारपीट करने एवं पुलिस अधिकारियों के सामने पीड़िता के परिजनों को धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया।

जांच में प्रेम प्रसंग और रिश्तेदारी की बात आई सामने
अनुसंधान के दौरान पुलिस को पता चला कि पीड़िता, मुख्य अभियुक्त और उसका सहयोगी गत 24 सितंबर 2026 को तड़के सुबह लगभग 03:00 बजे बिरौल क्षेत्र से भागकर दरभंगा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वहां जीआरपी पुलिस अधिकारियों ने उन्हें संदिग्ध अवस्था में देखकर पूछताछ के लिए जीआरपी थाना लाया और परिजनों को सूचित किया। इसके बाद दोनों पक्षों के परिजनों के पहुंचने पर पीआर बॉन्ड भरवाकर तीनों को छोड़ा गया था। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि पीड़ित और अभियुक्त पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं और पूरा मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में प्रविन्द्र उर्फ प्रवीण मांझी पिता जामुन मांझी, जामुन मांझी पिता स्व.रामबहादुर मांझी तथा एक विधि-विरूद्ध निरूद्ध किशोर को गिरफ्तार किया। सभी ग्राम मजरगाही,थाना बिरौल, जिला दरभंगा के रहने वाले हैं।इसके अलावा एक मोटरसाइकिल और मोबाइल जब्त किया है। इस मामले में छापामारी का नेतृत्व स्वयं एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी कर रहे थे। दल में अमृत लाल वर्मन, पुनि सह पर्यवेक्षी पदाधिकारी, चन्द्र मणि थानाध्यक्ष, मुकेश कुमार,अपर थानाध्यक्ष, मुन्नी कुमारी,एस आई, अनिल तिवारी स अनि बिरौल सशस्त्र बल के साथ मौजूद थे।