जहानाबाद जिला के साईबर थाने के रीडर का कमाल ,केस रफा -दफा करने के नाम पर चालीस हजार रुपये घुस लेकर दर्ज कर दिया प्राथमिकी ?

दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय 

जहानाबाद जिले के साईबर थाने से एक बड़ी खबर आ रही हें ,साईबर थाना में तैनात साईबर रीडर धनंजय ने कथित साईबर ठगी मामले को लेकर केस रफा दफा करने के मामले में एक निजी शिक्षक के भाई से 40हजार रुपये घुस लेकर उसके भाई पर ठगी का मुकदमा दर्ज कर दिया हें। इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हें।
सूत्र बताते हें कि अनिकेत कुमार शर्मा नामक विद्यार्थी /शिक्षक के खाते में एक लाख 67हजार रुपये अचानक आ गये ,अनिकेत को इस बात का पता नहीं चला वह विद्यार्थी तों हें ही ,ट्यूशन भी पढ़ाता हें जिससे उसकी अच्छी खासी आमदनी हें ,अनिकेत का कहना हें कि उसे नहीं पता कि खाते में कब पैसे आयें ,सूत्र बताते हें कि यह पैसा दूसरे प्रांत से अनिकेत के खाते पर आया था ,अनिकेत उस खाते से लेन देंन कर रहा था ,इसी बीच साईबर थाने की पुलिस अनिकेत के घर पहुंची और उसे थाने लायी ,एक दिन हिरासत में रखा फिर छोड़ दिया ,दूसरे दिन भी थाने लाया ,और थाने पर पूरे दिन रखा ,इसी बीच अनिकेत के भाई ने सदर सर्किल के चालक को पकड़ा ,चालक ने साईबर थाने के रीडर से मध्यस्ता की ,इस दौरान अनिकेत ने कहा कि अगर किसी खाते से उसके खाते में पैसा आया हें तों वह उसी खाते में वापस कर देगा लेकिन इस बात की जानकारी उसे नहीं हें। चालक से साईबर के रीडर धनंजय ने कहा कि 40हजार दीजिये ,आप पर कोई मुकदमा नहीं होंगा ,अनिकेत के भाई ने चालीस हजार रुपये चालक के माध्यम से रीडर को दें दिया ,इसके ठीक एक दिन के बाद अनिकेत पर थाने में साईबर फ्रॉड को लेकर प्राथमिकी दर्ज हो गयी। यह सूचना मिलते ही अनिकेत ने चालक को फोन किया कि देखिये, 40हजार रुपये रफा दफा करने के नाम पर घुस भी ले लिया और भाई पर केस भी कर दिया।

धनंजय के भाई और चालक के बीच हुई बातचीत का ऑडियो सुनिये ,बातचीत में स्पष्ट हें

 ऐसे किसी ऑडियो का दस्तक 7मीडिया समर्थन नहीं करता हें।लेकिन यह जांच का विषय जरूर बनता हें।

जहानाबाद में साइबर फ्रॉड का मामला दर्ज, बैंक खाते से हुआ संदिग्ध लेन-देन

जहानाबाद साइबर थाने में साइबर फ्रॉड के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। साइबर क्राइम स्पेशल यूनिट (सीसीएसयू), बिहार द्वारा उपलब्ध कराई गई संदिग्ध बैंक खातों की सूची की जांच में इंडसइंड बैंक खाता संख्या 159142239499 में साइबर धोखाधड़ी से अर्जित रकम के लेन-देन का खुलासा हुआ।

जांच में खाता अनिकेत कुमार शर्मा, निवासी लड़ौआ, मखदुमपुर, जहानाबाद के नाम पर पाया गया। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर इस खाते से जुड़ी कई शिकायतें भी मिली हैं। पुलिस के अनुसार, खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने और उसे दूसरे खातों में स्थानांतरित करने में किया गया।

मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(2), 351(4), 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत केस दर्ज कर जांच की जिम्मेदारी पुलिस निरीक्षक युगेश चन्द्र को सौंपी गई है।

अब सवाल उठता हें कि अगर साईबर फ्रॉड हें तों प्राथमिकी दर्ज होना स्वाभाविक हें ,फिर पैसों का अवैध रुप से लेंन देंन क्यों ?ऑडियो में इसके पुख्ता सबूत हें लेकिन इस मामले से जांच के बाद ही पर्दा उठेगा ,कि वास्तव में लेंन देंन हुआ हें अथवा नहीं ??अगर लेंन देंन हुआ हें तों जांचों उपरांत उक्त कर्मी पर कारवाई आवश्यक हें ,यही नहीं अनिकेत को दो दिनों तक थाना के हिरासत में रखा गया होंगा तों उसके भी सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होंगे ,जो जांच के बाद ही पता चलेगा ?