पटना में पीएचडी होल्डर्स और रिसर्च स्कॉलर्स का लोकभवन मार्च, आर-ब्लॉक पर पुलिस ने रोका
दस्तक 7 मीडिया /पटना
पटना में अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 19-20 दिनों से आमरण अनशन कर रहे पीएचडी होल्डर्स, रिसर्च स्कॉलर्स और अतिथि शिक्षकों ने रविवार को लोकभवन मार्च निकाला। मार्च को देखते हुए प्रशासन ने आर-ब्लॉक चौराहे और लोकभवन जाने वाले मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। प्रदर्शनकारियों को आर-ब्लॉक चौराहे पर बैरिकेडिंग कर रोक दिया गया।
प्रदर्शनकारियों का मार्च सुबह करीब 11 बजे आर-ब्लॉक चौराहे और वीर कुंवर सिंह पार्क के आसपास से शुरू हुआ। प्रशासन ने बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के साथ बैरिकेडिंग और वाटर कैनन की व्यवस्था की थी। प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेडिंग पर चढ़ने और उसे तोड़ने की कोशिश के बाद पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच तीखी बहस और गतिरोध की स्थिति बन गई।
आंदोलन का नेतृत्व ऑल पीएचडी होल्डर्स एसोसिएशन ऑफ बिहार और एनएसयूआई के सदस्यों द्वारा किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से आंदोलन और आमरण अनशन के बावजूद सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
ये हैं प्रमुख मांगें
सहायक प्रोफेसर की बहाली के लिए प्रस्तावित नई भर्ती नियमावली को वापस लिया जाए। बिहार में प्रोफेसरों की नियुक्ति में स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए डोमिसाइल नीति लागू की जाए। सहायक प्रोफेसर की बहाली के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 55 वर्ष की जाए। आंदोलनकारियों की अन्य लंबित मांगों पर सरकार तत्काल निर्णय ले।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।