बिहार टेंडर घोटाला: मुख्य आरोपी रिशु श्री की जमानत खारिज, अदालत ने कहा-सबूत हैं पर्याप्त, 61 सेल डीड, गहने और नकदी बरामदगी का हवाला; 4,000 पन्नों की चार्जशीट में SVU ने बनाया मुख्य आरोपी
बिहार टेंडर घोटाला: मुख्य आरोपी रिशु श्री की जमानत खारिज, अदालत ने कहा-सबूत हैं पर्याप्त, 61 सेल डीड, गहने और नकदी बरामदगी का हवाला; 4,000 पन्नों की चार्जशीट में SVU ने बनाया मुख्य आरोपी
बिहार टेंडर घोटाला: मुख्य आरोपी रिशु श्री की जमानत खारिज, अदालत ने कहा-सबूत हैं पर्याप्त,
61 सेल डीड, गहने और नकदी बरामदगी का हवाला; 4,000 पन्नों की चार्जशीट में SVU ने बनाया मुख्य आरोपी
दस्तक 7 मीडिया ,विधि संवाददाता /पटना
बिहार के बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले में पटना की विशेष निगरानी अदालत ने मुख्य आरोपी ठेकेदार रिशु श्री को बड़ा झटका देते हुए उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है। विशेष निगरानी न्यायाधीश अतुल कुमार सिंह की अदालत ने केस डायरी और जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद पाया कि आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध हैं, इसलिए उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।
विशेष निगरानी इकाई (SVU) की जांच के अनुसार, रिशु श्री सरकारी विभागों में मनपसंद कंपनियों को टेंडर दिलाने के लिए बिचौलिये की भूमिका निभाता था और अधिकारियों तक कथित तौर पर कमीशन पहुंचाने का काम करता था। जांच के दौरान उसके आवास से 61 सेल डीड (जमीन के दस्तावेज), भारी मात्रा में नकदी तथा गहने बरामद किए गए थे, जिन्हें अदालत ने भी मामले का महत्वपूर्ण साक्ष्य माना।
SVU इस मामले में 4,000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट अदालत में दाखिल कर चुकी है, जिसमें रिशु श्री को मुख्य आरोपी बनाया गया है। एजेंसी का दावा है कि टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के प्रमाण मिले हैं।
मामले में कुल सात हाई-प्रोफाइल लोगों को आरोपी बनाया गया है। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर अब 10 जुलाई 2026 को सुनवाई होनी है। वहीं, भवन निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता तारिणी दास की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी हो चुकी है और अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।
इस बहुचर्चित मामले में अदालत के ताजा फैसले को जांच एजेंसी के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब सभी की नजरें अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाओं और आगे की न्यायिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
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