जाले के BDO मनोज कुमार गिरफ्तार: पत्नी की संदिग्ध मौत मामले में दहेज हत्या का केस, कथित प्रेमिका की तलाश तेज,

3 जुलाई को मुजफ्फरपुर के कन्हौली स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी अमृता कुमारी की मौत, परिजनों ने 10 लाख रुपये दहेज मांगने और प्रताड़ना का लगाया आरोप।

दस्तक 7मीडिया ,मुजफ्फरपुर/दरभंगा।

दरभंगा जिले के जाले प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मनोज कुमार को उनकी पत्नी अमृता कुमारी की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई दहेज हत्या के आरोप में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कई पहलुओं पर एक साथ जांच कर रही है।जाले थानाध्यक्ष ने गिरफ्तारी की पुष्टि की हे।

जानकारी के अनुसार, 3 जुलाई को मुजफ्फरपुर जिले के कन्हौली स्थित ससुराल में अमृता कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद मायके पक्ष ने मनोज कुमार सहित ससुराल पक्ष के अन्य लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

मृतका के परिजनों का आरोप है कि विवाह के बाद से ही मनोज कुमार और उनके परिवार के लोग लगातार 10 लाख रुपये दहेज की मांग कर रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर अमृता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। परिजनों का कहना है कि इसी प्रताड़ना के कारण उनकी बेटी की जान चली गई।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले में एक कथित प्रेमिका की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले और बाद में उसकी क्या भूमिका रही।

जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया है कि मृतका अमृता कुमारी का मोबाइल फोन अब तक बरामद नहीं हो सका है। वहीं, गिरफ्तार BDO मनोज कुमार के दोनों मोबाइल फोन को पुलिस ने जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। मोबाइल कॉल डिटेल, चैट, मैसेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो सके।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डिजिटल एविडेंस और गवाहों के बयान के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुरूप आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।