बिहार में अपराधियों पर होगा ऑल-आउट एक्शन, 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे: सम्राट चौधरी, बोधगया में नए आपराधिक कानूनों पर राज्यस्तरीय सेमिनार में मुख्यमंत्री का ऐलान, 48 घंटे में सख्त कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी पर जोर
बिहार में अपराधियों पर होगा ऑल-आउट एक्शन, 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे: सम्राट चौधरी, बोधगया में नए आपराधिक कानूनों पर राज्यस्तरीय सेमिनार में मुख्यमंत्री का ऐलान, 48 घंटे में सख्त कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी पर जोर
बिहार में अपराधियों पर होगा ऑल-आउट एक्शन, 100 फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे: सम्राट चौधरी,
बोधगया में नए आपराधिक कानूनों पर राज्यस्तरीय सेमिनार में मुख्यमंत्री का ऐलान, 48 घंटे में सख्त कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी पर जोर
दस्तक 7मीडिया /पटना/बोधगया
बोधगया/पटना। बिहार में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए त्वरित न्याय व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को बोधगया स्थित कन्वेंशन सेंटर में नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन विषय पर आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय सेमिनार को संबोधित करते हुए राज्य में 100 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों के तहत अपराधियों पर ऑल-आउट कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था, पुलिस अनुसंधान और न्यायिक प्रक्रिया में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के लिए प्रत्येक तीन महीने पर समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। सरकार, पुलिस प्रशासन और न्यायपालिका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आम लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए कहा कि अपराधी किसी भी जाति या धर्म का हो, उसके विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के कठोर कार्रवाई होगी। यदि कोई अपराधी पुलिस या कानून व्यवस्था को चुनौती देता है तो उसे 48 घंटे के भीतर कड़ा जवाब दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ‘डायल 112’ सेवा के रिस्पांस टाइम को वर्तमान औसत 10 मिनट से घटाकर 7 से 8 मिनट करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया।
सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य के सभी थानों को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरे, वैज्ञानिक जांच उपकरण, मोबाइल फॉरेंसिक वैन और फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं को मजबूत कर जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी एवं समयबद्ध बनाया जाएगा। सेमिनार में पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश, न्यायपालिका के सदस्य, वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी भी उपस्थित रहे।