दोहरी एफआईआर से उलझी ऑझौल गोलीकांड की गुत्थी, जांच के केंद्र में पुलिस की कार्रवाई,किस युवक ने एएसआई को मारी गोली ?
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा
बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ऑझौल गांव में हुए चर्चित गोलीकांड और हत्या मामले में अब जांच और भी पेचीदा हो गई है। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जिससे पुलिस के सामने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच बड़ी चुनौती बन गई है।
घटना में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) मो. मोबीन का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। उनकी हालत अब भी चिंताजनक बताई जा रही है। दूसरी ओर, इस घटना में सुनील सहनी की फर्से से वार कर हत्या कर दी गई थी।
घायल एएसआई की पत्नी समीना खातून ने बहादुरपुर थाना में सुनील सहनी समेत सात लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। आरोप है कि आरोपितों ने फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की, जिसके बाद एएसआई ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसी दौरान उन पर गोली चला दी गई।गोली किसने चलाई ,इसे लेकर पुलिस साक्ष्य इकट्ठा कर रही हे।
वहीं, सुनील सहनी के पिता दिलीप सहनी ने भी एएसआई सहित नौ लोगों के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनके पुत्र की हत्या की गई और इस मामले में पुलिसकर्मियों की भी भूमिका रही।
दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस अब घटनास्थल से मिले वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। घटनास्थल से बरामद खोखा, गोली और अन्य भौतिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
एहतियात के तौर पर ऑझौल गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, हालांकि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। गांव में फिलहाल तनावपूर्ण शांति का माहौल है और लोग खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कुछ लोगों को व्यक्तिगत और राजनीतिक कारणों से नामजद किया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध ही कार्रवाई होगी।