आजादी के 73 साल बाद भी ग्राम सुकमारपुर में प्राथमिक विद्यालय नहीं, ग्रामीणों ने उठाई जोरदार मांग
दस्तक 7 मीडिया, प्रशांत कुमार, कुशेश्वरस्थान।
कुशेश्वरस्थान पश्चिमी प्रखंड के हिरणी पंचायत अंतर्गत सुकमारपुर गाँव आजादी के 73 वर्ष बाद भी एक प्राथमिक विद्यालय के लिए तरस रहा है।
73 वर्ष बाद अब ग्रामीणों ने विद्यालय निर्माण को लेकर जोरदार आवाज उठाना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का मानना है कि सरकार आखिर शिक्षा से इतना दूरी क्यों बना रही है।
ग्रामीणों ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक स्थिति है कि आजादी के 73 साल बाद भी सुकमारपुर गांव में एक भी प्राथमिक विद्यालय नहीं खुल सका है। जिस दौर में सरकार हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने और गांव-गांव तक शिक्षा पहुंचाने की बात करती है, उसी दौर में सुकमारपुर के छोटे-छोटे बच्चे प्राथमिक शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं।
गांव में विद्यालय नहीं होने के कारण नन्हे बच्चों को पढ़ाई के लिए दूरस्थ विद्यालयों में जाना पड़ता है। बरसात के दिनों में खराब रास्ते, गर्मी और ठंड में लंबी दूरी, छोटे बच्चों की सुरक्षा तथा समय पर विद्यालय पहुंचने की समस्या के कारण कई बच्चे नियमित रूप से पढ़ाई नहीं कर पाते। इसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि सुकमारपुर के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखना उनके भविष्य के साथ अन्याय है। शिक्षा कोई सुविधा मात्र नहीं, बल्कि हर बच्चे का मौलिक अधिकार है। गरीब, किसान और मजदूर परिवारों के बच्चों के लिए गांव में विद्यालय होना अत्यंत आवश्यक है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम सुकमारपुर में प्राथमिक विद्यालय की स्थापना के लिए जल्द से जल्द सर्वेक्षण कराकर आवश्यक स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि गांव के बच्चे अपने ही गांव में सुरक्षित वातावरण में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त कर सकें।
ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी दरभंगा एवं बिहार सरकार से आग्रह किया है कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए इस मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
ग्रामीणों की मुख्य मांग
ग्राम सुकमारपुर, पंचायत हिरणी, प्रखंड कुशेश्वर स्थान, जिला दरभंगा में अविलंब प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की जाए।