• संजय कुमार राय की रिपोर्ट

वैशाली के सराय थाने के पुलिसकर्मियों ने बर्दी को किया दागदार
थाना अध्यक्ष समेत चार गए जेल

थाने में ही बेच रहे थे जब्त शराब, उत्पाद विभाग के कर्मियों ने रंगे हाथ पकड़ा

दरभंगा।
वैशाली जिले के सराय थाने से ही शराब तस्करी के आरोप में वहां के थानाध्यक्ष समेत अन्य चार पुलिस कर्मियों को जेल भेजने की घटना ने महकमा को सोचने पर मजबूर कर दिया है। साथ ही यह घटना कुछ ऐसे सवालों को भी जन्म दे गयी है जिसका जवाब देर सबेर आला हाकिमों को अपनी साख बचाने के लिए देना ही होगा। मसलन थाने से ही शराब की बिक्री के पीछे किस किस पुलिसकर्मी की सहभागिता थी? क्या इसके पहले भी सराय थाने से तस्करी हो रही थी? शराब विनष्टीकरण के मौके पर मौजूद मजिस्ट्रेट ने अपनी भूमिका कायदे से क्यों नहीं निभाई? नियमतः विनष्टीकरण की पूरी प्रक्रियाओं की वीडियोग्राफी होनी चाहिए, वह भी पारदर्शिता के साथ। आशंका यह भी जताई जा रही है कि शराब तस्करी में कुछ बड़े ओहदे के पुलिस अधिकारी की भी मिलीभगत थी । उत्पाद विभाग द्वारा यदि सराय थाने के पुलिसकर्मियों को शराब के साथ रंगे हाथ नहीं पकड़ा जाता तो बड़ी खेप इलाके में खपा दी जाती। आखिर थाने से किस ठिकाने के लिए शराब गाड़ी में लादी जा रही थी? वह तस्कर कौन है जिसका रसूख इतना तगड़ा है कि जब्त शराब का एक बड़ा हिस्सा उसके लिए थाने से ही मुहैया कराया जा रहा था? इसका भी पता करना जरूरी है कि थाने में शराब लोड करते हुए जो वाहन जब्त किया गया है वह पहली खेप का ही था या इसके पहले भी कुछ माल इधर उधर कर दिया गया था? इसी तरह के ढेरों सवालात हैं जो इस मामले को गम्भीर बना देता है और इस घटना को लेकर दर्ज प्राथमिकी के आईओ को सभी जवाब जांच में निकलना होगा।
सराय थाना में जब्त शराब को ही फिर से जब्त किए जाने की इस अनोखी घटना पर वैशाली के पुलिस कप्तान जो भी कह ले लेकिन एक बात तो साफ है कि जिले की पुलिस की बर्दी दागदार हो गयी। अब कायदे से कोई बड़ी उपलब्धि या फिर बड़ा एक्शन ही महकमे का भरोसा बरकरार रख सकता है। मंथन तो इस पर भी करना होगा कि सराय थाना पुलिस की कारगुजारी की तरह अन्य थाना भी तो ऐसा रैकेट नहीं चला रहा है?
जिला पुलिस तंत्र को और मजबूत करना होगा और खुपिया विभाग को भी ज्यादा सजगता दिखानी होगी।
उल्लेखनीय है कि जब्त शराब को चोरी छिपे सराय थाने से ही पिकअप वाहन पर लादकर बेची जा रही थी लेकिन उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने रंगे हाथ पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया और आला अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी। इसी मामले में दर्ज प्राथमिकी के आलोक में थानाध्यक्ष विदुर कुमार ,मालखाना प्रभारी मुनेश्वर कुमार ,संतरी सुरेश कुमार एवं चौकीदार रामेश्वर राम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।