भक्ति के जयकारों से गुंजायमान हुआ बिरौल: कलश शोभायात्रा के साथ माँ शारदे की वंदना शुरू

दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

विद्या और सुरों की देवी माँ सरस्वती की आराधना का महापर्व ‘बसंत पंचमी’ बिरौल क्षेत्र में पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गया है। शुक्रवार को विभिन्न पंचायतों में निकाली गई भव्य कलश शोभायात्रा के साथ ही पूजा का विधिवत आगाज़ हुआ।
क्षेत्र के रजवा, सुपौल पंचायत के भंथा और भवानीपुर सहित कई गांवों में सुबह से ही उत्सव का माहौल रहा। पारंपरिक परिधानों में सजी सैकड़ों कुमारी कन्याओं ने सिर पर कलश धारण कर शोभायात्रा निकाली।
गाजे-बाजे के साथ निकली इन यात्राओं ने स्थानीय पवित्र तालाबों और नदियों से जल भरा।
पूरी यात्रा के दौरान “माँ शारदे की जय” और “विद्या की देवी अमर रहें” के नारों से पूरा इलाका गुंजायमान रहा। शोभायात्रा वापस पूजा स्थल पर पहुंचने के बाद, कलश को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच स्थापित किया गया। इसके पश्चात माँ सरस्वती की प्रतिमा का अनावरण कर विधिवत पूजा-अर्चना और प्राण-प्रतिष्ठा की प्रक्रिया शुरू की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि सरस्वती पूजा न केवल विद्यार्थियों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए ज्ञान के प्रकाश का प्रतीक है। पूजा को लेकर युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। भंथा, रजवा और भवानीपुर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी तैयारी की गई है, जो पूजा के अगले कुछ दिनों तक जारी रहेंगे। इस दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के लिए स्थानीय समितियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।