कर्नाटक की 10 करोड़ की ज्वेलरी लूट में बिहार कनेक्शन,फिल्मी अंदाज में बदमाश गिरफ्तार
कर्नाटक की 10 करोड़ की ज्वेलरी लूट में बिहार कनेक्शन,फिल्मी अंदाज में बदमाश गिरफ्तार
कर्नाटक की 10 करोड़ की ज्वेलरी लूट में बिहार कनेक्शन,फिल्मी अंदाज में बदमाश गिरफ्तार
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /गुड्डू राज
कर्नाटक के मैसूर जिले में हुई करीब 10 करोड़ रुपये की ज्वेलरी लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड में शामिल एक मुख्य आरोपी को बिहार के दरभंगा जिले से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी का तरीका इतना चौंकाने वाला था कि यह किसी फिल्मी सीन जैसा लग रहा था।
यह लूट की घटना 28 दिसंबर 2025 को मैसूर जिले के हुनासुर कस्बे में स्थित स्काई गोल्ड ज्वेलरी शोरूम में हुई थी। दोपहर करीब 2 बजकर 4 मिनट पर दो बाइक पर सवार बदमाश शोरूम में घुसे। हथियार के बल पर उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों को डराया और महज 5 मिनट के अंदर 8 किलो 34 ग्राम सोने और हीरे के गहने लूटकर फरार हो गए। लूटे गए गहनों की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी गई। घटना के तुरंत बाद शोरूम मालिक ने हुनासुर थाना में एफआईआर दर्ज कराई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मैसूर पुलिस ने जांच के लिए डिप्टी एसपी के नेतृत्व में पांच विशेष टीमों का गठन किया। इन टीमों में पांच इंस्पेक्टर शामिल थे। पुलिस ने सबसे पहले शोरूम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान की गई। जांच के दौरान बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया थाना क्षेत्र निवासी पंकज सिंह उर्फ सतुआ का नाम सामने आया। इसके बाद कर्नाटक एसटीएफ, पटना एसटीएफ और भागलपुर एसटीएफ की संयुक्त टीम ने पंकज सिंह को गिरफ्तार किया।
पंकज सिंह से पूछताछ के दौरान ऋषिकेश कुमार उर्फ छोटू सिंह का नाम सामने आया। छोटू सिंह दरभंगा जिले के हायाघाट थाना क्षेत्र में छिपकर रह रहा था। इसके बाद कर्नाटक पुलिस की स्पेशल टीम ने हायाघाट में डेरा डाल दिया। करीब एक सप्ताह तक पुलिसकर्मियों ने सिविल ड्रेस में इलाके की रेकी की। कोई पुलिसवाला आम आदमी बनकर बैंक जाता दिखा, तो कोई खेतों में घूमता नजर आया। कुछ पुलिसकर्मी आम के बगीचे में रात बिताते रहे, तो कुछ मछली बेचने वाले या ताश खेलने वाले बनकर इलाके में घुल-मिल गए। इस दौरान किसी को भी पुलिस की मौजूदगी का शक नहीं हुआ।
पूरी जानकारी और लोकेशन पक्की होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। करीब 12 पुरुष पुलिसकर्मी और एक महिला पुलिसकर्मी की टीम ने उस समय छोटू सिंह को धर दबोचा, जब वह अपने दोस्तों के साथ ताश खेल रहा था। गिरफ्तारी पूरी तरह योजनाबद्ध और बेहद सतर्क तरीके से की गई। पुलिस ने इसे अपनी बड़ी कामयाबी बताया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ऋषिकेश कुमार उर्फ छोटू सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती और आर्म्स एक्ट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि वह दिल्ली में ऑटो चलाकर अपना गुजारा करता था। उसने लोन पर ऑटो लिया था और उससे होने वाली कमाई गांव भेजता था। पुलिस को शक है कि वह इंटरस्टेट क्राइम नेटवर्क से भी जुड़ा हुआ है।
वहीं, छोटू सिंह की पत्नी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उसने अपने पति को निर्दोष बताया है। पत्नी का कहना है कि दोनों ने करीब 8 साल पहले दिल्ली में कोर्ट मैरिज की थी। उसके पहले पति की मौत हो चुकी है और पहले पति से उसकी तीन संतानें हैं, जो अपने दादा के साथ रहती हैं। महिला का दावा है कि छोटू सिंह ईमानदारी से ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।हायाघाट थानाध्यक्ष ने इसकी पुष्टि कर दी हें।