भदोही जनपद के सीतामढ़ी महर्षि वाल्मीकि गंगा घाट पर पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। ब्रह्म मुहूर्त से ही पतित पावनी मां गंगा की अविरल धारा में स्नान के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
सीतामढ़ी गंगा घाट के पुजारी घनश्याम दुबे ने बताया कि पूर्णिमा पर गंगा स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से आत्मा शुद्ध होती है और मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर होती है। इस दिन स्नान और दान-पुण्य करने से कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है।
स्नान के बाद श्रद्धालु दीपदान और दान-पुण्य भी करते हैं। ऐसी भी मान्यता है कि पूर्णिमा पर भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। शाम को दीपदान की परंपरा का भी पालन किया जाता है।
शास्त्रों के अनुसार, गंगा स्नान करते समय पहले हाथ-पैर धोकर, आचमन करके हाथ में कुशा लेकर स्नान करना चाहिए। स्नान के दौरान ‘ऊँ नमः गंगायै विश्वरुपिणी नारायणी नमो नमः’ मंत्र का जाप करने का विधान है।
