कैमूर में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सोमवार को एड्स जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली का उद्देश्य लोगों को एड्स के प्रति जागरूक करना था।
जिले में वर्तमान में लगभग 1350 पंजीकृत एड्स मरीज हैं, जिन्हें सदर अस्पताल में नियमित इलाज और परामर्श सुविधाएं मिलती हैं। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने वर्ष 2030 तक कैमूर को एड्स मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
छात्राओं ने पोस्टर बनाकर दिया जागरूकता का संदेश
जिला एड्स नियंत्रण पर्यवेक्षक डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि यह विशेष जागरूकता रैली हर साल की तरह आयोजित की गई।
रैली सदर अस्पताल स्थित एएनएम प्रशिक्षण विद्यालय से शुरू हुई, जिसमें एएनएम स्कूल की छात्राओं ने जागरूकता संदेश वाले पोस्टर लेकर भाग लिया। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
नियमित दवा के सेवन से मरीज सामान्य जीवन जी सकता
रैली शहर के एकता चौक और पटेल चौक से गुजरी, जहाँ लोगों को एड्स के संक्रमण, बचाव और उपचार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि एड्स का इलाज संभव है और नियमित दवा के सेवन से मरीज सामान्य जीवन व्यतीत कर सकते हैं। कैमूर में एड्स मरीजों को हर महीने दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
रैली के एएनएम स्कूल परिसर पहुंचने पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों को एचआईवी संक्रमण से बचाव के उपाय, इससे जुड़े मिथक और वास्तविक तथ्यों के बारे में विस्तार से बताया गया।
जागरूकता, सुरक्षित व्यवहार से एड्स मुक्त बनाना संभव
अधिकारियों ने जोर दिया कि जागरूकता, सुरक्षित व्यवहार और समय पर जांच से 2030 तक कैमूर को एड्स मुक्त बनाना संभव है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से एड्स से संबंधित भ्रमों को दूर करने और जागरूकता फैलाने में सहयोग करने की अपील की।
