सीवान के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के टारी बाजार स्थित कृष्णा ज्वेलर्स में गुरुवार को हुई लूट का पुलिस द्वारा 24 घंटे के भीतर किए गए उद्भेदन पर अब गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। शनिवार को बाजार के व्यवसायियों ने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए आगजनी कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने सरकार के सामने अपनी छवि सुधारने के लिए जबरन उद्भेदन दिखाया है।

कृष्णा ज्वेलर्स के मालिक और FIR दर्ज कराने वाले कृष्णा सोनी ने आरोप लगाया कि शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे उनसे FIR पर सिग्नेचर कराया गया और मात्र 2 घंटे के भीतर ही पुलिस ने न केवल अभियुक्तों की गिरफ्तारी बल्कि गहनों की बरामदगी की बात भी घोषित कर दी। सोनी का कहना है कि न्यूज में दिखाए जा रहे बरामद गहनों की कीमत लगभग 1 लाख रुपए है, जबकि दुकान से 30 लाख के गहने लूटे गए थे। इतना कम माल बरामद होने पर उन्होंने पूछा, “अगर अपराधी पकड़े जा चुके हैं तो पूरा माल क्यों नहीं मिला?”

सड़क जाम कर विरोध करते स्थानीय लोग।
पुलिस शुरुआत से ही तथ्यों की लीपापोती में जुटी – व्यवसायी

व्यवसायियों ने कहा कि पुलिस शुरुआत से ही तथ्यों की लीपापोती में जुटी हुई है। उनका कहना है कि उद्भेदन से पहले बरामद गहनों की पहचान पीड़ित से क्यों नहीं कराई गई? पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में “सोने जैसे दिखने वाले सामान” का उल्लेख भी संदेह बढ़ा रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि सरकार और पुलिस प्रशासन की छवि बचाने के लिए कुछ निर्दोष युवकों को गिरफ्तार कर मामले में जबरन शामिल दिखाया गया है, जबकि वास्तविक अपराधी अभी भी फरार हैं।

सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद वायरल वीडियो में अपराधियों के हाथों में जो हथियार दिख रहे हैं, वह देसी कट्टा नहीं लग रहा। वीडियो में अपराधियों द्वारा लगातार फायरिंग की जा रही है, जबकि देसी कट्टा एक बार में केवल एक फायर कर सकता है और पुलिस के द्वारा अपराधियों के पास से एक देसी कट्टा व 2 गोली की बरामदगी दिखाई जा रही है, इससे भी पुलिस के दावे सवालों के घेरे में हैं।

थाना प्रभारी मनोज कुमार को आक्रोशित लोगों ने घेरा

घटना के बाद जब थाना प्रभारी मनोज कुमार मौके पर पहुंचे, तो आक्रोशित लोगों ने उन्हें घेर लिया। स्थिति बिगड़ते देख थाना प्रभारी ने लिखित आश्वासन दिया कि जल्द ही बाकी अपराधियों की गिरफ्तारी और पूरे गहनों की बरामदगी की जाएगी। इसके बाद ही भीड़ शांत हुई। व्यापारी संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे फिर से उग्र आंदोलन करेंगे।

सूचना मिलते ही पुलिस ने पहुंचकर भीड़ को समझाया

थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि टारी में प्रदर्शन और आगजनी की सूचना मिलते ही पुलिस ने पहुंचकर भीड़ को समझाया और स्थिति को नियंत्रित किया। उन्होंने कहा कि बरामद गहनों का सत्यापन मजिस्ट्रेट के समक्ष कराया जाएगा तथा शेष आरोपियों और गहनों की बरामदगी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। स्थानीय व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक पूरी पारदर्शिता के साथ उद्भेदन नहीं होता और वास्तविक अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।