दरभंगा के तिहरे हत्याकांड में चार दोषियों को आजीवन सश्रम कारावास, गर्भस्थ शिशु समेत तीन की हुई थी दर्दनाक मौत

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा/विधि संवाददाता,

दरभंगा शहर के जीएम रोड राजकुमार गंज में तिहरा हत्याकांड, (जिसमें एक गर्भस्थ शिशु की दुनियां में आने से पहले हुई मौत)मामले में चार जूर्मियों को कोर्ट ने मंगलवार को आजीवन सश्रम कारावास और चालीस हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा दोषी सुनाई है।यह सजा सिविल कोर्ट दरभंगा के जिला अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने सुनाई है।लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि कोर्ट ने जिला को स्तब्ध कर देने वाली इस बारदात, नगर थानाकांड सं. 39/22 से बने सत्रवाद सं.217/22 की सुनवाई पुरी कर मंगलवार को नगर थानाक्षेत्र के जीएम रोड राजकुमार गंज निवासी नमो नारायण झा का पुत्र शिव कुमार झा,भठियारीसराय निवासी ललित ठाकुर का पुत्र भाष्कर कुमार, सिमरी थाना के लादौर निवासी मिस्टर अर्जुन सिंह का पुत्र अभिमन्यु राऊत उर्फ बाबा,और सदर थानाक्षेत्र के पोसनपुरा कबीचक निवासी दशरथ पासवान के पुत्र मिथलेश पासवान को आजीवन सश्रम कारावास और चालीस हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।कोर्ट ने चारों जूर्मियों को भादवि की धारा -147,436,427,341,307,302 और 120(b)में 10 अक्टूबर को दोषी ठहराया था। वहीं दोषसिद्ध सभी चारों अभियुक्तों का सजा अवधि निर्धारण के बिन्दु पर सुनवाई और निर्णय के लिए 11 नवंबर की तिथि निर्धारित किया था ।लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि 10 फरवरी 2022 की संध्या नगर थानाक्षेत्र के जीएम रोड राजकुमारगंज में जमीन माफिया ने एक मकान को जबरदस्ती तोड़कर कब्जा करना चाहा।मकान में 40 वर्षों से रह रहे संजय कुमार झा एवं उसकी बहन पिंकी कुमारी ने जब बिरोध किया तो सभी अभियुक्तों ने पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दिया।जब उसे बचाने सबसे छोटी बहन नीकि गई तो उसे भी जला दिया।पीएमसीएच में इलाज के दौरान गर्भवती पिंकी, उसके गर्भस्थ 8 माह के शिशु तथा संजय कुमार झा की दर्दनाक मौत हो गई।इस घटना की प्राथमिकी मधुबनी जिला के पंडौल थानाक्षेत्र के सरिसवपाही निवासी स्व. श्रीनाथ झा की पुत्री और जख्मी नीकि कुमारी के फर्दब्यान पर नगर थाना में संस्थित की गई।लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि बिचारण के दौरान अभियोजन पक्ष से एपीपी रेणू झा ने अदालत में 14 गवाहों की गवाही कराकर अभियुक्तों का जूर्म साबित करने में सफल रही।एपीपी रेणू झा ने पूरी निष्ठा से अभियोजन का पक्ष रखने में सफल रही।कोर्ट ने चारों जूर्मियों को भादवि की धारा 147 में एक माह, 436 में पांच साल, 427 में एक साल, 341 में एक माह, 307 में पांच साल, 302 में आजीवन, 120(बी) में आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। वहीं 436 में दस हजार, 307 में दस हजार, 302 में दस हजार, 120(बी) में दस हजार यथा चालीस हजार रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है। सभी सजायें साथ साथ चलेगी।