राघोपुर प्रखंड के करजाईन पंचायत के बसावनपट्टी गांव में 41 साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र ने एक अस्पताल बनवाया। अस्पताल का उद्घाटन तक नहीं हो सका और यह खंडहर में तब्दील हो गया है। अस्पताल की नींव वर्ष 1980 में तत्कालीन सीएम डॉ. जगन्नाथ मिश्र, स्वास्थ्य मंत्री बिंदेश्वरी दूबे और स्थानीय विधायक अमरेंद्र मिश्र ने रखी थी। 1984 में इस अस्पताल का निर्माण पूरा हुआ, लेकिन उद्घाटन अब तक नहीं हुआ है। तीन एकड़ में फैले परिसर में 13 बेड का अस्पताल बनाया गया था।
लिहाजा, चार दशक गुजर जाने के बाद भी यहां एक भी मरीज का इलाज नहीं हुआ है। इसके बाद सूबे में विभिन्न दलों का शासन रहा। सबसे महत्वपूर्ण यह कि अस्पताल का निर्माण कराने वाले डॉ जगन्नाथ मिश्र खुद भी 1989-90 के बीच सूबे के मुख्यमंत्री रहे। बिहार की सत्ता में शीर्ष पर कांग्रेस का यह आखिरी कार्यकाल था।
इसके बाद पहले लालू-राबड़ी और फिर नीतीश कुमार की सरकारें रही। डॉ. जगन्नाथ मिश्र के पुत्र नीतीश मिश्रा नीतीश कुमार की सरकार में कई महकमों के मंत्री रहे, लेकिन, अस्पताल का उद्घाटन नहीं हो सका।
ग्रामीण बताते हैं कि अस्पताल के बंद रहने से लगभग पांच लाख की आबादी प्रभावित हो रही है। स्वास्थ्य सेवाएं बहाल नहीं होने से बसावनपट्टी, ढाढा, छतौनी, नरपतपट्टी, गोपाल, गड़ही सहित दर्जनों गांवों के लोगों को दूरदराज के अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ता है। अस्पताल के अंदर कमरे में रखा पुआल। अस्पताल भवन और परिसर पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा हो गया है। दबंगों ने यहां सीमेंट, छड़, बालू का डिपो खोल रखा है। कुछ लोगों ने परिसर में अवैध रूप से मकान का निर्माण करा लिया है। ग्रामीणों ने अस्पताल के कमरों में भूसा और जलावन जमाकर रखा है। अस्पताल परिसर अवैध गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ साल पहले यहां एसएसबी जवानों का अस्थायी कैंप बनाया गया था। राघोपुर के 80 वर्षीय बुजुर्ग उमाशंकर मिश्र बताते हैं कि राघोपुर के बसावनपट्टी और सिमराही दोनों जगहों पर एक साथ 1984 में डॉ. जगन्नाथ मिश्र ने रेफरल अस्पताल का शिलान्यास किया था। तब प्रखंड में दो जगहों पर रेफरल अस्पताल का प्रावधान था। हालांकि, बाद के वर्षों में इसमें बदलाव किया गया। इसके अलावा बलुआ एवं छातापुर में भी अस्पताल का शिलान्यास किया था। तब सिमराही में स्वास्थ्य केंद्र संचालित था लेकिन बसावनपट्टी में नहीं था। हाल के वर्षों में सिमराही में सीएम नीतीश कुमार ने सिमराही में अस्पताल का उद्घाटन किया।
एक प्रखंड में एक ही अस्पताल खोलने का प्रावधान है। इसलिए बसावनपट्टी अस्पताल का उद्घाटन नहीं हो पाया है। डॉ. दीप नारायण राम, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, राघोपुर
नियम बदलने से दूसरा अस्पताल हो गया बेकार
