भदोही के कोइरौना थाना क्षेत्र स्थित पैगहा गांव में मां जानकी बाली सेवा समिति द्वारा आयोजित रामलीला का सातवां दिन भक्ति और उत्साह से भरा रहा। मंगलवार रात मंच पर राम-सुग्रीव मित्रता, बाली वध और लंका दहन जैसे प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया गया। इन दृश्यों को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे, जिससे पूरा माहौल “जय श्री राम” के उद्घोष से गूंज उठा।

रामलीला के मंचन की शुरुआत भगवान श्रीराम और सुग्रीव के मिलन से हुई। इसके बाद भगवान श्रीराम द्वारा बाली का वध कर सुग्रीव को किष्किंधा का राजा बनाने का दृश्य दिखाया गया, जिस पर दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।अगले क्रम में लंका दहन का रोमांचक प्रसंग प्रस्तुत किया गया।

हनुमान जी द्वारा समुद्र पार कर लंका में प्रवेश, माता सीता से भेंट और अशोक वाटिका को तहस-नहस करने का जीवंत अभिनय दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया। जब हनुमान जी ने अपनी पूंछ से लंका को दहन किया, तो पूरा पंडाल “जय बजरंगबली” के नारों से गूंज उठा।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष रामावतार पांडेय, सचिव अनिल तिवारी, उपाध्यक्ष मनोज मिश्रा, संयोजक अमित पांडेय और कोषाध्यक्ष राजेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व्यवस्था में सक्रिय रहे। क्षेत्र के वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और महिलाओं ने भी इस धार्मिक आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

स्थानीय कलाकारों के जीवंत अभिनय और संवाद अदायगी ने उपस्थित जनसमूह को आकर्षित किया। कलाकारों की वेशभूषा, मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था ने पूरे आयोजन को भव्यता प्रदान की।आयोजकों ने बताया कि आने वाले दिनों में सीता हरण, राम-रावण युद्ध और राम राज्याभिषेक जैसे प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।

रामलीला समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक संख्या में पहुंचकर इस धार्मिक आयोजन का आनंद लें।पैगहा की यह रामलीला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, एकता और परंपरा का भी जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करती है।