सीतामढ़ी स्थित महर्षि वाल्मीकि गंगा घाट पर रविवार को पितृ विसर्जन का आयोजन हुआ। आसपास के जनपदों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचे। सभी ने अपने पितरों की मोक्ष और शांति के लिए पिंडदान किया। सुबह से ही गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पुरुष और बुजुर्ग अपने परिजनों के साथ गंगा तट पर पहुंचे।

पंडितों की देखरेख में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पिंडदान किया गया। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिन गंगा स्नान और पिंडदान से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। प्रशासन और पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए।

घाट पर सुरक्षा बल तैनात किए गए। बैरिकेडिंग कर मार्ग को सुगम बनाया गया। पंचायत ने साफ-सफाई, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की। इससे श्रद्धालुओं को कोई असुविधा नहीं हुई। गंगा घाट पर श्रद्धालुओं के मंत्रोच्चार गूंजते रहे। जलते दीपकों ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। इस आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र की धार्मिक पहचान को उजागर किया।