सीतामढ़ी में सदर अस्पताल के शिशु गहन चिकित्सा इकाई में एक नवजात की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ ने इलाज में लापरवाही बरती। वार्ड में भर्ती बच्चों.
सदर अस्पताल में नवजात की मौत, लापरवाही का आरोप लगा किया हंगामा सीतामढ़ी। सदर अस्पताल में गुरूवार को शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एसएनसीयू) में एक नवजात की मौत हो गई। जिससे परिजनों ने हंगामा किया। मृतका की मां मंजू कुमारी पति संतलाल पासवान ने बताया कि वह परसौनी थाना के मुसहरी गांव की है।
बताया कि परसौनी सीएचसी से रेफर कर बच्चे को सदर अस्पताल भेजा गया था। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ ने न केवल इलाज में लापरवाही बरती बल्कि दुर्व्यवहार भी किया। उनका कहना है कि बच्चे की मौत के करीब दो घंटे बाद तक परिवार को जानकारी नहीं दी गई। एसएनसीयू वार्ड की तय क्षमता 12 बेड है। लेकिन घटना के समय यहां 17 बच्चों को भर्ती किया गया था। पूरे वार्ड की देखरेख के लिए सिर्फ एक डॉक्टर और तीन नर्सिंग स्टाफ मौजूद थे।
परिजनों ने बताया कि जब वे बच्चे से मिलने वार्ड पहुंचे तो गेट पर मौजूद कर्मियों ने ताना मारते हुए कहा कि “यहां धर्मशाला है क्या, जो बार-बार मिलने चले आते हो।” विदित हो कि घटना से कुछ ही घंटे पहले नगर विधायक मिथिलेश कुमार ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया था। उन्होंने अस्पताल की अव्यवस्था, संसाधनों की कमी और स्टाफ की लापरवाही पर चिंता जताई थी। नवजात की मौत के बाद परिजन और स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है।
जब वार्ड पहले से क्षमता से अधिक भरा था तो अतिरिक्त भर्ती क्यों की गई। पर्याप्त डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती क्यों नहीं हुई। बच्चे का वजन दो किलोग्राम से कम था। उसे बार-बार चमकी भी आता था। जिसके कारण उसकी मौत हुई है। फिलहाल परिजनों द्वारा जो आरोप लगाया गया है। उस पर जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे। उस पर कार्रवाई की जाएगी। डॉ. मुकेश कुमार, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल