बिरौल थाना पुलिस पर गंभीर आरोप, नाबालिग को न्याय दिलाने में लापरवाह, थानाध्यक्ष के विरुद्ध कार्रवाई और अभियुक्त की गिरफ्तारी की हो रही मांग

दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।

दरभंगा जिले के बिरौल थाना में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एक नाबालिग लड़की के साथ हुए यौन शोषण के मामले में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा है। पीड़िता के पिता उमाशंकर यादव ने बिरौल थानाध्यक्ष विशाल कुमार सिंह पर FIR दर्ज करने में देरी और अभियुक्तों को गिरफ्तार न करने का आरोप लगाया है।
पीड़िता के पिता के अनुसार, उनकी नाबालिग बेटी के साथ हुए इस गंभीर अपराध की शिकायत करने पर, थानाध्यक्ष ने शुरुआत में FIR दर्ज करने के बजाय आनन-फानन में बयान लेकर उनकी बेटी को पीआर बॉन्ड पर उनके हवाले कर दिया। जब बेटी ने उन्हें आपबीती सुनाई, तब उन्होंने इसकी शिकायत सीधे बिरौल एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी से की।
एसडीपीओ के निर्देश के बाद, 28 अगस्त, 2025 को बिरौल थाना में कांड संख्या 310/2025 में पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। हालांकि, FIR दर्ज होने और घटना के इतने दिन बाद भी, अब तक अभियुक्त की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे पीड़ित परिवार में निराशा और आक्रोश है। बताया जा रहा है कि 14 अगस्त की घटना ,17 को महिला पुलिस पदाधिकारी के बदले पुरूष एएसआई से घटना की जांच,20 अगस्त को नाबालिग लड़की को बरामद कर थाना से पी आर बॉन्ड पर परिजन को सौंपना, पीड़िता के पिता ने पुरे मामले की शिकायत एसडीपीओ से की, उसके बाद 28 अगस्त को एफआईआर दर्ज करना, कहीं न कहीं पुलिस के कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मामले को लेकर बिरौल एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने स्वयं यह स्वीकार किया है कि थानाध्यक्ष विशाल कुमार सिंह ने इस मामले में लापरवाही बरती है। उन्होंने बताया कि यह एक गंभीर मामला है और इस संबंध में थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
एसडीपीओ ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले की जांच की जा रही है।
इस घटना ने बिरौल क्षेत्र के लोगों के बीच पुलिस के प्रति अविश्वास पैदा कर दिया है। लोगों का कहना है कि जब एक गंभीर मामले में पुलिस ही इस तरह की लापरवाही बरतेगी, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करेगी? बिरौल थानाध्यक्ष विशाल कुमार सिंह की कार्यशैली पर सवाल उठना और भी चिंताजनक है क्योंकि यह सीधे तौर पर कानून और व्यवस्था के प्रति लोगों के विश्वास को कमजोर करता है।
इस मामले में न केवल पीड़ित को तुरंत न्याय मिलना चाहिए, बल्कि दोषी पुलिस अधिकारी और अभियुक्त पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पीड़ित परिवार वरीय पुलिस अधीक्षक से इस पर तुरंत ध्यान देने और ठोस कदम उठाने की मांग की है।