समावेशी शिक्षा योजना के तहत दिव्यांग छात्र-छात्राओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आयोजित तीन दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण का पहला चरण संपन्न हो गया। जिले के 9 प्रखंडों में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 368 शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल थीं।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को दिव्यांग बच्चों के शैक्षणिक, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर विशेष अभ्यास कराया गया। जिससे शिक्षक बच्चों की आवश्यकताओं को समझते हुए उन्हें समान अवसर प्रदान कर सकें। प्रत्येक विद्यालय से एक शिक्षक को नोडल शिक्षक नियुक्त किया गया है। इन नोडल शिक्षकों को अपने विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए जागरूकता फैलाने एवं अन्य शिक्षकों का मार्गदर्शन करने की विशेष जिम्मेदारी दी गई है। जिला समावेशी शिक्षा समन्वयक आलोक रंजन ने बताया कि प्रथम बैच में 9 प्रखंडों के शिक्षकों ने भाग लिया है।
